उत्तर प्रदेश गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष महेश कुमार शुक्ल बुधवार को बिजनौर पहुंचे। उन्होंने कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा विदुर सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान गौशालाओं के निरीक्षण, गोवंश संरक्षण और राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर गठित आयोग की टीम विभिन्न जनपदों का भ्रमण कर गौ-आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रही है। इसी क्रम में बिजनौर में भी गौशालाओं की स्थिति का जायजा लिया जा रहा है, ताकि आवश्यक सुधार सुनिश्चित किए जा सकें।
महेश कुमार शुक्ल ने कहा कि गोवंश संरक्षण केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सामाजिक, मानवीय और सांस्कृतिक दायित्व भी है। उन्होंने समाज के लोगों से गौ सेवा और संरक्षण के कार्यों में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
प्रेस वार्ता में उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की गो-संरक्षण नीति के तहत प्रदेशभर में 7,700 से अधिक गौ-आश्रय स्थल संचालित किए जा रहे हैं। इन आश्रय स्थलों में बड़ी संख्या में निराश्रित गोवंश के लिए आवास, भोजन, स्वच्छ पेयजल और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार निराश्रित गोवंश के भरण-पोषण के लिए प्रति गोवंश निर्धारित आर्थिक सहायता भी उपलब्ध करा रही है।

उपाध्यक्ष ने बताया कि बिजनौर जिले में वर्तमान समय में 71 गौ-आश्रय स्थल संचालित हैं, जहां हजारों गोवंश का संरक्षण और पालन-पोषण किया जा रहा है। इसके अलावा सहभागिता योजना के माध्यम से कई प्रगतिशील गौपालकों ने भी गोवंश को अपनाकर संरक्षण में सहयोग दिया है।
महेश कुमार शुक्ल ने कहा कि गौ-आश्रय स्थलों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। यदि कहीं भी अनियमितता या लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाती है। उन्होंने कहा कि गौ संरक्षण से जुड़े नियमों के पालन को लेकर सरकार पूरी गंभीरता से कार्य कर रही है।