लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मानसून का असर अलग-अलग क्षेत्रों में अलग दिखाई दे रहा है। पूर्वी यूपी में बारिश का दौर सक्रिय है, जबकि मध्य और पश्चिमी हिस्सों में फिलहाल वर्षा की गतिविधियां अपेक्षाकृत कम रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक शुक्रवार को पूर्वांचल के कई इलाकों में तेज बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है।
बंगाल की खाड़ी में बने मौसमी सिस्टम का प्रभाव पूर्वी उत्तर प्रदेश में देखने को मिल रहा है। शुक्रवार को पूर्वांचल के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में कुछ जगहों पर भारी वर्षा हो सकती है।वाराणसी, गाजीपुर, मिर्जापुर, चंदौली, प्रतापगढ़ और कौशांबी समेत आसपास के क्षेत्रों में मौसम खराब रहने के आसार हैं। बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को बारिश की संभावना अपेक्षाकृत कम है। आसमान में बादल छाए रहने के बावजूद बीच-बीच में धूप निकल सकती है, जिससे वातावरण में उमस बढ़ने की संभावना है। गुरुवार को भी राजधानी में बादल छाए रहे, लेकिन दोपहर के समय धूप निकलने से लोगों को उमस का सामना करना पड़ा। शहर में अधिकतम तापमान 32.8 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार प्रदेश में 25 अगस्त तक रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। इस दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश और दक्षिणी जिलों में वर्षा की गतिविधियां अपेक्षाकृत अधिक रह सकती हैं।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, सोनभद्र, मिर्जापुर, संत रविदास नगर, हमीरपुर, महोबा और ललितपुर में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा प्रतापगढ़, चंदौली, वाराणसी, जौनपुर, बहराइच, लखीमपुर, सीतापुर, हरदोई, कानपुर नगर, उन्नाव, रायबरेली, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली और पीलीभीत समेत आसपास के इलाकों में भी बारिश हो सकती है।
बारिश के साथ कई स्थानों पर गरज-चमक और आकाशीय बिजली का खतरा भी बना रह सकता है। ऐसे मौसम में लोगों को खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी जाती है। स्थानीय मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखना भी जरूरी है।