उत्तर प्रदेश में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी विजन के अनुरूप, लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज में AI-आधारित स्वास्थ्य परियोजनाओं के पायलट संचालन पर सहमति बनी है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य तकनीक के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, पहुंच और दक्षता को बेहतर बनाना है।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने जर्मनी के फ्रैंकफर्ट में हेल्थ-टेक और डेटा एनालिटिक्स क्षेत्र की अग्रणी कंपनी Inoplexes & Partex के सीईओ डॉ. गुंजन भारद्वाज से महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी, डेटा सेंटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित समाधानों में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में डॉ. गुंजन भारद्वाज ने भारत में अपने संचालन के विस्तार की योजनाएं साझा कीं। उन्होंने बताया कि साझेदारी मॉडल के तहत उत्तर प्रदेश में डेटा सेंटर स्थापित करने की तैयारी की जा रही है। इसके साथ ही गोपनीयता-अनुपालन वाले हेल्थ डेटा प्लेटफॉर्म विकसित किए जाएंगे, जिससे सुरक्षित और विश्वसनीय स्वास्थ्य डेटा इकोसिस्टम तैयार हो सके।
प्रतिनिधिमंडल और कंपनी के बीच कड़े डेटा गोपनीयता मानकों, डेटा स्थानीयकरण और सुशासन को सुनिश्चित करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को डेटा-आधारित बनाने पर विशेष सहमति बनी। यह पहल न केवल मरीजों की निजता की रक्षा करेगी, बल्कि नीति निर्माण और स्वास्थ्य सेवा वितरण को भी अधिक प्रभावी बनाएगी।
बैठक में कंप्यूटर सेंटर स्थापित करने, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) के संचालन को मजबूत करने और मेडिकल एजुकेशन में AI के उपयोग को बढ़ावा देने पर भी सहमति बनी। इससे स्वास्थ्य पेशेवरों के प्रशिक्षण और रिसर्च में नई संभावनाएं खुलेंगी।
इसके अलावा, सरकारी साझेदारी को विस्तार देने और संभावित राजस्व सृजन के अवसरों पर भी विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। AI और हेल्थ-टेक के समन्वय से न केवल स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा, बल्कि उत्तर प्रदेश को हेल्थ-टेक इनोवेशन के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने में भी मदद मिलेगी।