लखनऊ में राष्ट्र प्रेरणा स्थल का उद्घाटन...
लखनऊ में राष्ट्र प्रेरणा स्थल का उद्घाटन...
मुख्यमंत्री ने विस्तार से बताया कि एक्सप्रेसवे, लॉजिस्टिक पार्क, कोल्ड चेन, स्टोरेज और प्रोसेसिंग यूनिट्स के जरिए यूपी में एक मजबूत एग्रीकल्चर वैल्यू चेन तैयार की गई है, जिससे किसानों की उपज राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच रही है।
नोएडा प्राधिकरण ने 10 औद्योगिक भूखंडों के लिए 49.27 करोड़ रुपये का रिजर्व प्राइस तय किया था। योजना के लिए 214 आवेदकों ने आवेदन किया इनमें से 170 आवेदकों ने बोली प्रक्रिया में हिस्सा लिया वहीं प्रतिस्पर्धी बोली के चलते 10 भूखंडों की कुल बोली 173.29 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।
औद्योगिक विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में इन मामलों की समीक्षा की गई। बैठक में सामने आया कि बड़ी संख्या में आवंटियों ने वर्षों बीत जाने के बावजूद न तो लीज डीड निष्पादित कराई और न ही उद्योग स्थापना की दिशा में कोई ठोस कदम उठाया।
शीतकालीन सत्र के आखिरी दिन मुख्यमंत्री ने तुष्टीकरण की राजनीति पर साधा निशाना...
श्रीरामजन्मभूमि आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाने और जन्मभूमि यज्ञ समिति के अध्यक्ष के रूप में महंत अवेद्यनाथ के योगदान के प्रति अटल बिहारी वाजपेयी के मन में गहरा सम्मान था।
निधि कार्यक्रम की शुरुआत वर्ष 2016 में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा की गई थी। इस योजना का उद्देश्य प्रारंभिक चरण के विज्ञान एवं तकनीक आधारित स्टार्टअप्स को वित्तीय और संस्थागत सहायता देना है।
लखनऊ और नोएडा को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हब के रूप में विकसित करने की योजना...
नोएडा एयरपोर्ट से गंगा एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी मजबूत, अनुपूरक बजट में 1246 करोड़ का प्रावधान...
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सभी जनपदों में प्रत्येक माह कम से कम एक बैठक अनिवार्य रूप से आयोजित की जाए।
केंद्र सरकार का 'सड़क सुरक्षा मित्र' कार्यक्रम वर्तमान में प्रदेश के 28 जनपदों में सक्रिय है, यह योजना युवाओं को सड़क सुरक्षा अभियानों में सक्रिय भागीदार बनाने पर केंद्रित है।
कोडीन कफ सिरप मुद्दे पर योगी सरकार पर तीखा हमला, बुलडोजर की प्रतीकात्मक तस्वीर से बढ़ी सियासी हलचल...
1500 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से टाटमिल, पनकी, जुही खलवा और मरियमपुर में बनेंगे आरओबी...
अनुपूरक बजट में सरकारी, अर्द्ध-सरकारी एवं बी-पैक्स भवनों पर सोलर रूफटॉप स्थापित करने के लिए 20 करोड़ रुपए की अतिरिक्त धनराशि प्रस्तावित की गई है। इससे सहकारी संस्थाओं की ऊर्जा लागत में कमी आएगी और हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा।