मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर (डीबीटी) योजनाओं के शत-प्रतिशत लाभार्थियों को फैमिली आईडी से आच्छादित किया जाए।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर (डीबीटी) योजनाओं के शत-प्रतिशत लाभार्थियों को फैमिली आईडी से आच्छादित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सभी विभाग समय से आवंटित बजट का उपयोग करें ताकि योजनाएं और परियोजनाएं तय समयसीमा में पूरी हों और प्रदेशवासियों को उनका लाभ मिले। उन्होंने कहा कि जिन विभागों में बजट व्यय की प्रगति धीमी है, वे तुरंत गति बढ़ाएं।
नवंबर माह में यूपी एसटीएफ ने मौरंग, गिट्टी और बालू से लदे ओवरलोड ट्रकों के संगठित सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया था।
गंगा एक्सप्रेस-वे, डिफेन्स कॉरिडोर, बीडा, मेडिकल डिवाइस पार्क और फार्मा पार्क परियोजनाओं की गहन समीक्षा...
लखनऊ के राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर होगा मुख्य आयोजन, देश-विदेश में भी मनाया जाएगा उत्तर प्रदेश दिवस...
जारी सूची के अनुसार अपर्णा यू को सचिव चिकित्सा शिक्षा एवं महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा के पद से हटाकर प्रमुख सचिव, राजस्व बनाया गया है। वहीं एस.वी.एस. रंगाराव को प्रमुख सचिव, उत्तर प्रदेश पुनर्गठन, समन्वय, राष्ट्रीय एकीकरण एवं सामान्य प्रशासन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
‘निवेश मित्र 3.0’ को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि यह राष्ट्रीय सिंगल विंडो सिस्टम (NSWS) से पूरी तरह एकीकृत हो। इससे केंद्र और राज्य स्तर की सभी आवश्यक अनुमतियां, स्वीकृतियां और सेवाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगी।
नववर्ष, शीतलहर, कानून-व्यवस्था और विकास योजनाओं पर दिए सख्त निर्देश...
स्थिति की गंभीरता के बावजूद कार्रवाई न होने से नाराज कस्बेवासियों ने अनोखे अंदाज में विरोध दर्ज कराया।
मेला प्राधिकरण का कहना है कि साधु-संतों की ओर से आपत्ति दर्ज कराई गई है कि माघ मेला धर्म और आस्था से जुड़ा आयोजन है, जहां गैर-धार्मिक और राजनीतिक गतिविधियों की अनुमति नहीं दी जा सकती।
प्रतिष्ठा द्वादशी के अवसर पर रामलला का अभिषेक वैदिक मंत्रोच्चार के बीच किया जाएगा। इस दौरान यज्ञ, हवन और पूजन की सभी पारंपरिक विधियां संपन्न होंगी।
अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित कुमार घोष ने बताया कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप वर्ष 2025 में स्वास्थ्य सेवाओं के आधारभूत ढांचे को मजबूत किया गया।
परिवहन निगम द्वारा माघ मेले के लिए दो अस्थायी बस स्टेशन बनाए गए हैं। लखनऊ क्षेत्रीय प्रबंधक आर.के. त्रिपाठी ने बताया कि ये अस्थायी बस स्टेशन बेलाकछार और झूंसी-पटेलनगर क्षेत्र में स्थापित किए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को मेला क्षेत्र तक पहुंचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों और नाबार्ड को आपसी समन्वय मजबूत करने के निर्देश दिए, ताकि विभिन्न कार्यबिंदुओं पर संयुक्त रूप से प्रभावी कार्य किया जा सके।
2026 के लिए युवा संकल्प, ज्ञानदान और तकनीक आधारित भविष्य का आह्वान...