लखनऊ में निवेशकों की कुछ पत्रावलियों पर बार-बार आपत्ति लगाए जाने और लंबे समय तक अनुमति लंबित रहने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। दावा है कि कुछ निवेशकों को 15 महीने से अधिक समय से अनुमति का इंतजार है। मामले में पारदर्शिता और जांच की मांग के बीच संबंधित अधिकारियों की स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
