ग्रेटर नोएडा। शहर में लगातार बढ़ रहे ठोस कचरे के निस्तारण की समस्या से निपटने के लिए लखनावली में नया वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट शुरू हो गया है। अधिकारियों के अनुसार प्लांट की क्षमता करीब 800 टन प्रतिदिन है और यहां गीले तथा सूखे दोनों प्रकार के कचरे का प्रसंस्करण किया जाएगा।
प्लांट में गीले कचरे से कंपोस्ट तैयार करने की व्यवस्था होगी, जबकि सूखे कचरे को प्रोसेस कर Refuse-Derived Fuel (RDF) तैयार किया जाएगा। यह RDF सीमेंट कारखानों में ईंधन के रूप में इस्तेमाल किए जाने की योजना है।
अधिकारियों के मुताबिक ग्रेटर नोएडा के सेक्टरों और गांवों से प्रतिदिन लगभग 800 टन नगरपालिका कचरा निकलता है। अब तक बड़ी मात्रा में अनुपचारित कचरे को लखनावली साइट पर ले जाया जाता था। नए प्लांट के शुरू होने से रोजाना निकलने वाले कचरे को नियमित रूप से प्रोसेस करने का प्रयास किया जाएगा।

लखनावली में पहले से जमा पुराने यानी legacy waste का निस्तारण भी नए प्लांट के संचालन के साथ जारी रहेगा। इसका उद्देश्य एक तरफ पुराने कचरे के ढेर को कम करना और दूसरी ओर नए कचरे को जमा होने से रोकना है।
प्लांट शुरू होने से शहर के कचरा प्रबंधन तंत्र को वैज्ञानिक तरीके से संचालित करने में मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि, इसकी वास्तविक प्रभावशीलता इस बात पर निर्भर करेगी कि घरों और व्यावसायिक क्षेत्रों से कचरे का संग्रह, कचरे का पृथक्करण और प्लांट तक उसकी नियमित पहुंच कितनी प्रभावी तरीके से होती है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुताबिक लक्ष्य यह है कि रोजाना उत्पन्न होने वाला कचरा नियमित रूप से प्रोसेस हो और लखनावली में नए कचरे के ढेर लगातार न बढ़ें।