लखनऊ स्थित जन भवन के आदर्श माध्यमिक विद्यालय में महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के जीवन, संघर्ष और राष्ट्र निर्माण में योगदान पर भाषण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा, मार्गदर्शन और गरिमामयी उपस्थिति में हुआ। विद्यार्थियों ने दोनों महान व्यक्तित्वों के जीवन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
महात्मा गांधी के जीवन पर बोलते हुए विद्यार्थियों ने उनके सत्य और अहिंसा के सिद्धांतों को प्रमुखता से सामने रखा। बच्चों ने दक्षिण अफ्रीका में गांधीजी के संघर्ष से लेकर भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में उनकी भूमिका तक के विभिन्न प्रसंगों का उल्लेख किया। विद्यार्थियों ने बताया कि गांधीजी के विचारों और संघर्ष ने देश के स्वतंत्रता आंदोलन को व्यापक दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के व्यक्तित्व और राष्ट्रसेवा पर भी अपने विचार रखे। बच्चों ने उनके सादगीपूर्ण जीवन, ईमानदारी, अनुशासन, विनम्रता और कर्तव्यनिष्ठा को उनकी प्रमुख विशेषताओं के रूप में बताया। विद्यार्थियों ने कहा कि शास्त्री जी का जीवन आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने विद्यार्थियों के प्रयास की सराहना करते हुए उन्हें विषय की गहरी समझ के साथ अपनी बात रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि भाषण देने से पहले विद्यार्थियों को विषय की अच्छी तरह तैयारी करनी चाहिए और घटनाओं को सही क्रम में समझकर अपने शब्दों में प्रस्तुत करना चाहिए। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि विद्यार्थियों को गांधीजी और शास्त्री जी के जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण घटनाक्रमों की जानकारी विस्तार से दी जाए। इसके साथ ही बच्चों में अभिव्यक्ति क्षमता, आत्मविश्वास और सामान्य ज्ञान बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किया जाए।

राज्यपाल ने कक्षा-10 के विद्यार्थियों का परिणाम शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कमजोर विद्यार्थियों को चिन्हित कर उनके लिए अतिरिक्त कक्षाएं और विशेष शिक्षण की व्यवस्था करने को कहा। विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के साथ शिक्षकों को होमवर्क की लगातार निगरानी करने के निर्देश भी दिए गए।
राज्यपाल ने विद्यालय में बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने शिक्षकों को प्राथमिक उपचार किट के इस्तेमाल की जानकारी देने और जरूरत पड़ने पर विद्यार्थियों को तत्काल प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही बच्चों की नियमित स्वास्थ्य निगरानी पर जोर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि अपने आसपास के वातावरण के साथ व्यक्तिगत साफ-सफाई का भी ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने गांधीजी के स्वच्छता संबंधी विचारों का उल्लेख करते हुए इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की प्रेरणा दी।
राज्यपाल ने कहा कि शिक्षक की जिम्मेदारी केवल पाठ्यक्रम पूरा कराने तक सीमित नहीं है। विद्यार्थियों को अनुशासित, स्वस्थ, संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक बनाने में विद्यालय और शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने बच्चों को मेहनत करने, कठिन विषयों को समझने के लिए शिक्षकों से सवाल पूछने और लगातार सीखते रहने की सलाह दी। विद्यालय में बच्चों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता पर भी राज्यपाल ने ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षकों से निर्धारित मेन्यू के अनुसार पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने और उसकी गुणवत्ता की निगरानी करने को कहा। इसके अलावा नवरात्र और गरबा कार्यक्रम में विद्यार्थियों को परिवार के साथ शामिल होने के लिए भी प्रेरित किया।