अयोध्या: स्कूली वाहनों की सुरक्षा और नियमों के पालन को लेकर परिवहन विभाग अब पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है। शासन और परिवहन आयुक्त के निर्देश पर आरटीओ (प्रशासन) अयोध्या ऋतु सिंह ने मंगलवार को बाराबंकी कार्यालय का निरीक्षण कर स्कूल वाहन संचालकों और प्रबंधनों के साथ अहम बैठक की। बैठक में साफ चेतावनी दी गई कि जिन स्कूली वाहनों के फिटनेस, परमिट, प्रदूषण प्रमाणपत्र और अन्य जरूरी दस्तावेज अधूरे हैं, उन्हें तत्काल वैध कराया जाए, अन्यथा सख्त कार्रवाई की जाएगी।

करीब 50 स्कूल वाहन स्वामियों और स्कूल प्रबंधनों के साथ हुई बैठक में आरटीओ ने यूपी मोटरयान नियमावली 2019 और 2022 के संशोधित प्रावधानों की जानकारी देते हुए निर्देश दिए कि सभी स्कूल वाहन तत्काल स्कूल परमिट के लिए आवेदन करें। जिन वाहनों में केवल पीयूसी या अन्य छोटी कमियां हैं, उन्हें 24 घंटे के भीतर दस्तावेज पूरे करने की चेतावनी दी गई।
बैठक में मौजूद डीआईओएस और बीएसए कार्यालय के प्रतिनिधियों ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि जिन स्कूलों के वाहन नियमों के अनुरूप नहीं पाए जाएंगे, उनके यूडीआईएस कोड बंद कराने समेत प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
एआरटीओ (प्रशासन/प्रवर्तन) श्रीमती अंकिता शुक्ला ने बताया कि बिना फिटनेस और बिना परमिट संचालित वाहनों के खिलाफ लगातार चालान और सीज की कार्रवाई चल रही है। कई वाहनों को ब्लैकलिस्ट किया गया है, 80 नोटिस भेजे गए हैं और एक वाहन का पंजीयन निलंबित किया जा चुका है।
बैठक में समद इंटरनेशनल स्कूल, बाबा गुरुकुल एकेडमी, आधुनिक भारत स्कूल, कृति पब्लिक स्कूल और श्री शारदा बाल विद्या मंदिर समेत कई स्कूलों के प्रबंधकों ने जल्द आवेदन करने का आश्वासन दिया।
आरटीओ ऋतु सिंह ने स्कूली वाहनों के मानकों पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिए कि सभी वाहन पीले रंग के हों, उनमें आपातकालीन द्वार, अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट एड बॉक्स और छात्राओं के लिए महिला परिचारिका की व्यवस्था अनिवार्य रूप से हो। साथ ही चालक का चरित्र सत्यापन, वैध लाइसेंस और वाहन की तकनीकी स्थिति भी मानक अनुरूप होना जरूरी बताया गया।
निरीक्षण के दौरान कार्यालय व्यवस्था, कर्मचारियों की उपस्थिति और दस्तावेजों की जांच प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई। आरटीओ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपूर्ण प्रपत्र वाले स्कूलों की सूची लगातार शिक्षा विभाग को भेजी जाए और जिला विद्यालय यान समिति की बैठकों में ऐसे स्कूलों को तलब कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
इसके अलावा अप्रैल माह में विभागीय राजस्व वसूली लक्ष्य से अधिक होने पर संतोष व्यक्त किया गया, जबकि डेटा क्लीनिंग और वाहन निरीक्षण में लापरवाही मिलने पर नाराजगी भी जताई गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि स्कूल वाहनों के निरीक्षण में किसी भी तरह की ढिलाई न बरती जाए और सड़क सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित कराया जाए।