सोनभद्र जिले के दुद्धी तहसील क्षेत्र में एक सेवानिवृत्त शिक्षिका अपने हक के भुगतान के लिए पिछले डेढ़ साल से सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। राजकीय आस्थान विद्यालय दुद्धी में सहायक अध्यापिका के पद पर कार्यरत रहीं पुष्पा देवी ने तहसील दिवस के दौरान जिलाधिकारी सोनभद्र को प्रार्थना पत्र सौंपकर अपने लंबित एनपीएस (नेशनल पेंशन सिस्टम) और अन्य वित्तीय देयकों के भुगतान की मांग की है।
प्रार्थना पत्र के अनुसार पुष्पा देवी की नियुक्ति वर्ष 2011 में हुई थी और 31 मार्च 2025 को अधिवर्षता आयु पूर्ण होने के बाद वह सेवानिवृत्त हो गईं। उनका कहना है कि सेवा अवधि के दौरान उनके वेतन से एनपीएस के तहत नियमित कटौती की गई, लेकिन सेवानिवृत्ति के बाद अब तक उन्हें उससे संबंधित भुगतान प्राप्त नहीं हुआ है। इसके अलावा अन्य वित्तीय लाभ भी लंबित हैं।
उन्होंने बताया कि नियमों और शासनादेशों के अनुसार किसी कर्मचारी के सेवानिवृत्त होने के लगभग एक महीने के भीतर उसके सभी देय भुगतान किए जाने चाहिए, ताकि वह अपने शेष जीवन का निर्वहन सम्मानपूर्वक कर सके। लेकिन सेवानिवृत्ति के काफी समय बाद भी भुगतान न होने से उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

पुष्पा देवी ने यह भी आरोप लगाया कि बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों की तरह राजकीय आस्थान विद्यालयों के शिक्षकों को भी चयनित वेतनमान का लाभ दिए जाने का प्रावधान है, लेकिन विभागीय स्तर पर आदेशों का पूर्ण पालन नहीं किया गया। इसके कारण उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
62 वर्षीय बुजुर्ग शिक्षिका का कहना है कि वह लगातार दुद्धी तहसील और संबंधित कार्यालयों के चक्कर लगा रही हैं, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। उन्होंने जिलाधिकारी से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर शासनादेशों के अनुरूप सभी लंबित भुगतान जल्द जारी कराने की मांग की है।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी से कार्रवाई करता है और सेवानिवृत्त शिक्षिका को उनका लंबित भुगतान कब तक मिल पाता है।