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श्रावस्ती में जलभराव के बीच संचारी रोगों के खिलाफ 1 अक्टूबर से चलेगा विशेष अभियान, कलेक्ट्रेट में डीएम ने दिए सख्त निर्देश

श्रावस्ती में जलभराव के बाद संचारी रोगों की रोकथाम के लिए 1 से 31 अक्टूबर तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। 12 अक्टूबर से दस्तक अभियान के तहत आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर डेंगू, मलेरिया, जापानी इंसेफेलाइटिस समेत अन्य बीमारियों के प्रति लोगों को जागरूक करेंगी। प्रशासन ने जलनिकासी, फॉगिंग, साफ-सफाई और मरीजों की पहचान पर विशेष जोर दिया है।

By: Nivedita  RNI News Network
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श्रावस्ती में जलभराव के बीच संचारी रोगों के खिलाफ 1 अक्टूबर से चलेगा विशेष अभियान, कलेक्ट्रेट में डीएम ने दिए सख्त निर्देश

जिले में लगातार चार दिनों तक हुई मूसलाधार बारिश के बाद पैदा हुए जलभराव के संकट को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। जलजमाव के चलते पनपने वाली बीमारियों से निपटने और संचारी रोगों की प्रभावी रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग और संबंधित महकमों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। कलेक्ट्रेट सभागार में विशेष संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान की समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने अधिकारियों को धरातल पर कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि जहां भी पानी भरा हुआ है, वहां से तत्काल निकासी की व्यवस्था की जाए और मच्छरों के पनपने को रोकने के लिए कीटनाशक दवाओं व फागिंग का नियमित छिड़काव सुनिश्चित हो।

12 से शुरू होगा दस्तक अभियान

बैठक में अभियान की समयसीमा तय करते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि पूरे जनपद में 1 से 31 अक्टूबर तक संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाया जाएगा, जबकि 12 से 31 अक्टूबर के बीच दस्तक अभियान की शुरुआत होगी। इस दौरान ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में साफ-सफाई, शुद्ध पेयजल की व्यवस्था और नालियों की तली झाड़ सफाई पर विशेष जोर रहेगा। अभियान की सफलता के लिए जिला स्तर पर एक केंद्रीय कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है, जिसके माध्यम से दिन-प्रतिदिन की गतिविधियों और प्रगति की सख्त निगरानी की जाएगी।

 

टीम भावना से काम करने की अपील

कार्यक्रम के दौरान मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. ए.के. सिंह ने लोगों से अपील की कि बुखार आने पर उसे कतई हल्का न समझें और बिना देर किए मरीज, विशेषकर बच्चों को नजदीकी सरकारी अस्पताल ले जाएं। उन्होंने अनिवार्य रूप से मच्छरदानी लगाने, पानी न जमा होने देने और जापानी एन्सेफलाइटिस (जेई) के दोनों टीके लगवाने की बात कही। बैठक के समापन पर जिला पंचायत अध्यक्ष दद्दन मिश्रा, डीएम अन्नपूर्णा गर्ग और सीएमओ ने प्रचार वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को टीम भावना के साथ इस जनस्वास्थ्य अभियान को पूरी तरह सफल बनाने की शपथ दिलाई।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता करेंगी घर-घर सर्वे

दस्तक अभियान के तहत आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गांव-गांव और मोहल्लों में घर-घर जाकर लोगों को दिमागी बुखार, डेंगू और मलेरिया जैसी खतरनाक बीमारियों के लक्षणों व बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करेंगी। सर्वे के दौरान बुखार या अन्य संक्रामक लक्षणों वाले मरीजों की पहचान कर उनका पूरा विवरण ई-कवच पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। इस अभियान का दायरा केवल संचारी रोगों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि टीम घर-घर जाकर टीबी, कुष्ठ, फाइलेरिया और काला-अजार के संभावित मरीजों की भी तलाश करेगी, ताकि समय रहते उनका इलाज शुरू हो सके।

 

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