नोएडा। लगातार हो रही बारिश के मद्देनज़र नोएडा प्राधिकरण ने जलभराव की स्थिति पर नजर रखने और जल निकासी व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के लिए विशेष निरीक्षण अभियान चलाया। इसी क्रम में नोएडा प्राधिकरण के महाप्रबंधक (सिविल) ए.के. अरोड़ा ने आज औद्योगिक एवं आवासीय क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। उनके साथ वर्क सर्किल-7 के वरिष्ठ प्रबंधक डोरी लाल वर्मा, अवर अभियंता हिमांक कटारिया तथा वर्क सर्किल-8 के वरिष्ठ प्रबंधक रोहित सिंह और अवर अभियंता विक्रम मोंगा भी मौजूद रहे।

निरीक्षण के दौरान सबसे पहले औद्योगिक क्षेत्र फेज-2 के अंतर्गत सेक्टर-80, 81 और 82 का दौरा किया गया। अधिकारियों ने सड़कों, नालियों और जल निकासी व्यवस्था का बारीकी से निरीक्षण किया। निरीक्षण में पाया गया कि इन क्षेत्रों में कहीं भी जलभराव की स्थिति नहीं थी, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि प्राधिकरण की जल निकासी व्यवस्था प्रभावी ढंग से कार्य कर रही है। हालांकि कुछ स्थानों पर पनकटों (स्टॉर्म वॉटर इनलेट) में गंदगी और अवरोध पाए गए, जिन्हें मौके पर ही सफाई कराकर सुचारु कराया गया।

इसके बाद महाप्रबंधक ने आवासीय सेक्टर-105 और 108 का निरीक्षण किया। इन क्षेत्रों में भी कहीं जलभराव नहीं मिला। सेक्टर-105 में निरीक्षण के दौरान आवासीय कल्याण समिति (RWA) के अध्यक्ष दीपक दत्तात्रेय भी मौजूद रहे। उन्होंने क्षेत्र की व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों से चर्चा की और स्थानीय नागरिकों की आवश्यकताओं से अवगत कराया।

महाप्रबंधक (सिविल) ए.के. अरोड़ा ने निरीक्षण के दौरान सभी संबंधित अधिकारियों और फील्ड स्टाफ को निर्देश दिए कि वर्षा के मौसम में जल निकासी व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में सड़कों या आवासीय क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न नहीं होनी चाहिए। यदि कहीं जल निकासी में बाधा दिखाई दे तो तत्काल सफाई कर समस्या का समाधान किया जाए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि नालों, पनकटों और ड्रेनेज सिस्टम की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भारी बारिश के दौरान भी आम नागरिकों और औद्योगिक इकाइयों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। नोएडा प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि मानसून के पूरे मौसम में ऐसे निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे और जलभराव रोकने के लिए आवश्यक सभी कदम प्राथमिकता के आधार पर उठाए जाएंगे।