मथुरा, 3 नवंबर 2026। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने मंगलवार को राजीव भवन स्थित विभिन्न सरकारी कार्यालयों और पटलों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कार्यालयों में चल रहे कार्यों, सरकारी अभिलेखों के रखरखाव और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी डॉ. पूजा गुप्ता समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
जिलाधिकारी ने राजीव भवन में मुख्य विकास अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, पिछड़ा वर्ग कल्याण, दिव्यांगजन सशक्तिकरण और जिला कार्यक्रम अधिकारी के कार्यालयों का निरीक्षण किया। इसके अलावा जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक डीआरडीए, जिला निर्वाचन कार्यालय, उपायुक्त मनरेगा, उपायुक्त श्रम रोजगार, सहायक निदेशक मत्स्य और मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी सहित अन्य विभागों की कार्यप्रणाली भी देखी।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्यालयों में स्वच्छता बनाए रखने तथा जरूरी दस्तावेजों को व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ करें। उन्होंने कार्यालयों में आने वाले फरियादियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करने और उनकी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने पर जोर दिया। डीएम ने स्पष्ट किया कि सरकारी कार्यों में लापरवाही और अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे प्रतिदिन सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक अपने कार्यालयों में मौजूद रहकर आमजन की समस्याएं सुनें। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप लोगों को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध सेवाएं मिलनी चाहिए।

डीएम ने राजीव भवन के कुछ हिस्सों में रंगाई-पुताई कराने और परिसर स्थित पार्क को हरा-भरा बनाने के निर्देश दिए। पार्क के चारों ओर सुरक्षा के लिए रेलिंग लगाने को भी कहा। इसके साथ ही पुराने और जर्जर फर्नीचर को नियमानुसार निष्प्रयोज्य घोषित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी राजीव भवन के मुख्य द्वार पर संचालित प्रेरणा कैंटीन पहुंचे। इस कैंटीन का संचालन स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं कर रही हैं। डीएम ने यहां चाय पी और कैंटीन में उपलब्ध घरेलू व्यंजनों की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि जिले के सभी 10 ब्लॉकों में प्रेरणा कैंटीन संचालित की जा रही हैं। इन कैंटीनों के माध्यम से महिलाओं को रोजगार और आय का अवसर मिल रहा है।
जिलाधिकारी ने प्रेरणा कैंटीन की व्यवस्था को सराहनीय बताते हुए इसे मॉडल के रूप में विकसित करने की बात कही। उन्होंने अस्पतालों में भी ऐसी कैंटीन शुरू कराने की दिशा में कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन कैंटीनों में स्वच्छ, पौष्टिक और घरेलू भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे आम लोगों को बेहतर खानपान की सुविधा मिलेगी और स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।