महराजगंज : उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले में हल्की बारिश ने ही जिला प्रशासन की बाढ़ से निपटने की तैयारियों की पोल खोल दी। नौतनवा तहसील क्षेत्र के बरगदवा स्थित महाव नाला के पूर्वी तटबंध का सिल्ट फूटने से आसपास के खेतों में तेजी से पानी भर गया, जिससे कई एकड़ धान की फसल जलमग्न हो गई। घटना के बाद किसानों में फसल बर्बाद होने की आशंका को लेकर दहशत का माहौल है।
प्रशासन ने मानसून से पहले जिले में 168 किलोमीटर लंबे तटबंधों की सुरक्षा, 29 बाढ़ चौकियों और 39 राहत शिविरों को तैयार रखने का दावा किया था। हालांकि, हल्की बारिश के बाद ही तटबंध क्षतिग्रस्त होने से इन तैयारियों पर सवाल खड़े हो गए हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि तटबंध का सिल्ट फूटने के बाद खेतों और सिवान में लगातार पानी भर रहा है। यदि समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई, तो आसपास के गांवों की फसल को भारी नुकसान हो सकता है।
स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि सिंचाई विभाग हर वर्ष तटबंधों की मरम्मत के नाम पर लाखों रुपये खर्च करने का दावा करता है, लेकिन जमीनी स्तर पर व्यवस्थाएं प्रभावी नजर नहीं आतीं। उनका कहना है कि इस बार भी मरम्मत कार्य कागजों तक सीमित रह गया, जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है।
किसानों ने प्रशासन से तत्काल तटबंध की मरम्मत कराने, जलभराव रोकने और फसल नुकसान का सर्वे कर प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की है।
फिलहाल प्रशासन की ओर से तटबंध की मरम्मत और स्थिति पर नियंत्रण के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने की बात कही जा रही है। वहीं ग्रामीण लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं और बारिश बढ़ने की स्थिति में बड़े नुकसान की आशंका जता रहे हैं।