1. हिन्दी समाचार
  2. उत्तर प्रदेश
  3. लखीमपुर खीरी के रननगर में पिंजरे में कैद हुआ तेंदुआ, कई दिनों की दहशत के बाद ग्रामीणों ने ली राहत की सांस

लखीमपुर खीरी के रननगर में पिंजरे में कैद हुआ तेंदुआ, कई दिनों की दहशत के बाद ग्रामीणों ने ली राहत की सांस

लखीमपुर खीरी के निघासन क्षेत्र के रननगर गांव में वन विभाग की टीम ने पिंजरे में कैद हुए तेंदुए का रेस्क्यू किया। तेंदुए की कई दिनों से आबादी के आसपास मौजूदगी और पालतू पशुओं पर हमलों की आशंका से ग्रामीणों में दहशत थी। तेंदुए के पकड़े जाने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली, हालांकि वन्यजीवों को लेकर सतर्कता बरतना जरूरी है।

By: Nivedita  RNI News Network
Updated:
लखीमपुर खीरी के रननगर में पिंजरे में कैद हुआ तेंदुआ, कई दिनों की दहशत के बाद ग्रामीणों ने ली राहत की सांस

लखीमपुर खीरी।  जिले के निघासन क्षेत्र में तेंदुए की मौजूदगी से परेशान ग्रामीणों के लिए राहत की खबर सामने आई है। रननगर इलाके में वन विभाग की टीम ने पिंजरे में कैद हुए तेंदुए का रेस्क्यू किया। तेंदुए के पकड़े जाने के बाद स्थानीय लोगों ने राहत महसूस की है।

कई दिनों से आबादी के आसपास घूम रहा था तेंदुआ

यह मामला निघासन रेंज की दीपनगर बीट के अंतर्गत आने वाले रननगर क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, तेंदुआ पिछले कई दिनों से गांव के आसपास सक्रिय था। आबादी के नजदीक उसकी लगातार आवाजाही और पालतू पशुओं को निशाना बनाए जाने की घटनाओं से ग्रामीणों में डर का माहौल बना हुआ था। ग्रामीणों को अपने परिवार की सुरक्षा के साथ-साथ मवेशियों की चिंता भी सता रही थी। तेंदुए की गतिविधियों के कारण लोग सतर्कता बरतने को मजबूर थे।

 

 

वन विभाग ने पिंजरे में कैद तेंदुए का किया रेस्क्यू

तेंदुए की लगातार मौजूदगी के बीच वन विभाग की टीम को गुरुवार को सफलता मिली। रननगर क्षेत्र में लगाए गए पिंजरे में तेंदुआ कैद हो गया। इसके बाद वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर उसका रेस्क्यू किया। तेंदुए के पकड़े जाने की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। कई दिनों से बनी आशंका के बीच इस कार्रवाई से स्थानीय लोगों को राहत मिली है।

ग्रामीणों को सतर्क रहने की जरूरत

तेंदुए के रेस्क्यू के बाद भी वन्यजीवों की गतिविधियों को लेकर सावधानी बरतना जरूरी है। ग्रामीणों को सलाह दी जाती है कि वे बच्चों को अकेले सुनसान या झाड़ियों वाले इलाकों में न जाने दें और पालतू पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर रखें। वन्यजीव दिखाई देने पर उसके करीब जाने या उसे घेरने की कोशिश करने के बजाय वन विभाग को सूचना देना सुरक्षित कदम है।

 

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें गूगल न्यूज़, फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...