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राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने नशा मुक्ति अभियान को जन आंदोलन बनाने का किया आह्वान

लखनऊ के जन भवन में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा से नशा मुक्ति जन-जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। कार्यक्रम में एएनटीएफ और एनसीबी के विशेषज्ञों ने नशे के दुष्प्रभावों और बचाव के उपायों की जानकारी दी। राज्यपाल ने नशा छोड़ने का संकल्प लेने वाले कर्मचारियों और 'नशा मुक्ति प्रहरी' बने विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए नशा मुक्ति को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया।

By: BS Yadav  RNI News Network
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राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने नशा मुक्ति अभियान को जन आंदोलन बनाने का किया आह्वान

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा से लखनऊ स्थित जन भवन में नशा मुक्ति जन-जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम पुलिस विभाग, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ। इसमें जन भवन के अधिकारियों, कर्मचारियों और आदर्श माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थियों ने भाग लिया।

विशेषज्ञों ने बताए नशे के दुष्प्रभाव और बचाव के उपाय

कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञ अधिकारियों ने प्रतिभागियों को विभिन्न प्रकार के नशीले पदार्थों की पहचान, उनके दुष्प्रभाव और नशे की लत से बचने के उपायों की जानकारी दी। पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन और जागरूकता वीडियो के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, खेलकूद और सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ने का संदेश दिया गया। साथ ही आवश्यकता पड़ने पर नशा मुक्ति केंद्रों और सहायता सेवाओं का उपयोग करने के लिए भी प्रेरित किया गया।

नशा छोड़ने का संकल्प लेने वालों को किया सम्मानित

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने जन भवन के पांच कर्मचारियों को नशा त्यागने का संकल्प लेने पर प्रमाण-पत्र प्रदान किए। इसके साथ ही आदर्श माध्यमिक विद्यालय के पांच विद्यार्थियों को ‘नशा मुक्ति प्रहरी’ के रूप में बैज पहनाकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में मौजूद सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों को नशे के खिलाफ शपथ भी दिलाई गई।

‘नशा मुक्ति परिवार और समाज की साझा जिम्मेदारी’

अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि नशा मुक्ति केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि परिवार और समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे स्वयं सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत करें ताकि बच्चे स्वस्थ और अनुशासित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित हों। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की अहम भूमिका है और नशामुक्त युवा ही राष्ट्र निर्माण में प्रभावी योगदान दे सकते हैं।

शैक्षणिक संस्थानों को नशामुक्त बनाने पर दिया जोर

राज्यपाल ने बताया कि विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोह से पहले परिसरों का निरीक्षण कराया जाता है, जिसमें नशीले पदार्थों से संबंधित कमियों पर विशेष ध्यान दिया जाता है। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों को पूरी तरह नशामुक्त बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

 

‘स्टूडेंट पुलिस कैडेट’ और सामाजिक अभियानों का किया उल्लेख

आनंदीबेन पटेल ने गुजरात में शुरू किए गए ‘स्टूडेंट पुलिस कैडेट’ कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रशिक्षित विद्यार्थियों ने घर-घर जाकर लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रभावी माध्यम बन सकते हैं।

महिलाओं के स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता पर भी दिया संदेश

कार्यक्रम में राज्यपाल ने महिलाओं के स्वास्थ्य, सर्वाइकल कैंसर से बचाव और एचपीवी टीकाकरण के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने अधिक से अधिक बालिकाओं के टीकाकरण का आह्वान किया। साथ ही ‘ग्रीन आर्मी’ जैसी महिला समूहों के सामाजिक सुधार और आत्मनिर्भरता की दिशा में किए जा रहे कार्यों की सराहना की।

एएनटीएफ ने भेंट की पुस्तकें

कार्यक्रम के अंत में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के पुलिस महानिरीक्षक अब्दुल हमीद ने राज्यपाल का सम्मान किया और जन भवन आदर्श माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थियों के लिए 50 पुस्तकें भेंट कीं।

 

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