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शोभायात्रा से विधायक राजेश त्रिपाठी ने दिखाई ताकत, बोले- यह शक्ति प्रदर्शन नहीं, सनातन यात्रा है

गोरखपुर के चिल्लूपार में विधायक राजेश त्रिपाठी की अगुवाई में 40 किलोमीटर लंबी शोभायात्रा निकाली गई। रुद्र महायज्ञ और सरयू महोत्सव के बीच 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी चर्चाएं तेज।

By: BS Yadav  RNI News Network
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शोभायात्रा से विधायक राजेश त्रिपाठी ने दिखाई ताकत, बोले- यह शक्ति प्रदर्शन नहीं, सनातन यात्रा है

गोरखपुर : उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां धीरे-धीरे तेज होने लगी हैं। धार्मिक आयोजनों के बीच राजनीतिक संदेश भी दिखाई देने लगे हैं। ताजा मामला गोरखपुर के चिल्लूपार विधानसभा क्षेत्र का है, जहां बीजेपी के मौजूदा विधायक राजेश त्रिपाठी की अगुवाई में करीब 40 किलोमीटर लंबी शोभायात्रा निकाली गई। वहीं महिलाओं ने लगभग 2 किलोमीटर की कलश यात्रा में हिस्सा लिया। दर्जनों गाड़ियों के काफिले और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी के बीच आयोजित इस कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं। हालांकि, विधायक ने इसे शक्ति प्रदर्शन मानने से इनकार करते हुए सनातन परंपरा के प्रचार-प्रसार और जनजागरण का आयोजन बताया है।

40 किलोमीटर की शोभायात्रा, धार्मिक आयोजन के साथ सियासी संदेश की चर्चा

चिल्लूपार विधानसभा क्षेत्र में आयोजित रुद्र महायज्ञ और सरयू महोत्सव के तहत करीब 40 किलोमीटर लंबी शोभायात्रा निकाली गई। इस यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, स्थानीय लोगों और समर्थकों की भागीदारी देखने को मिली। वहीं, सैकड़ों महिलाओं ने लगभग दो किलोमीटर लंबी कलश यात्रा में शामिल होकर धार्मिक आस्था का संदेश दिया। शोभायात्रा के दौरान दर्जनों गाड़ियों का काफिला भी नजर आया, जिसमें कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे। आयोजन के जरिए पितरों की तृप्ति, धार्मिक परंपराओं के संरक्षण और जनकल्याण की कामना की गई। हालांकि, 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले इतने बड़े स्तर पर आयोजित इस कार्यक्रम को लेकर क्षेत्र में राजनीतिक चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं।

पितरों के सम्मान और सनातन परंपरा के प्रचार-प्रसार का दावा

बीजेपी विधायक राजेश त्रिपाठी ने इस धार्मिक आयोजन के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रुद्र महायज्ञ और सरयू महोत्सव का मुख्य उद्देश्य पितरों को मान-सम्मान और उचित स्थान देना तथा अपनी परंपराओं और संस्कारों से जुड़े रहना है। उन्होंने बताया कि कलश यात्रा के माध्यम से महिलाओं ने लगभग दो किलोमीटर की परिक्रमा कर धार्मिक आस्था और सनातनी परंपराओं के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। विधायक के मुताबिक, इस आयोजन में देश के विभिन्न क्षेत्रों से पीठाधीश्वर, महंत और साधु-संत शामिल हो रहे हैं। रुद्र महायज्ञ के माध्यम से सभी के सुख-समृद्धि, शांति और कल्याण की कामना की जा रही है। उनका कहना है कि ऐसे धार्मिक आयोजनों से लोगों को अपनी सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं के प्रति जागरूक होने का अवसर मिलता है।

विधायक बोले, यह शक्ति प्रदर्शन नहीं, जनजागरण है

मीडिया से बातचीत के दौरान विधायक राजेश त्रिपाठी ने शोभायात्रा को शक्ति प्रदर्शन मानने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य किसी राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी को अपनी ताकत का एहसास कराना नहीं, बल्कि सनातन परंपराओं का प्रचार-प्रसार करना और लोगों को जागरूक करना है। विधायक ने इसे सनातन यात्रा बताते हुए कहा कि धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाना इस कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने यह भी कहा कि कलश यात्रा और धार्मिक अनुष्ठानों में सभी जाति और धर्म के लोग शामिल होकर सामाजिक सद्भाव और एकता का संदेश दे रहे हैं। उनके अनुसार, इस तरह के आयोजन समाज को अपनी परंपराओं से जोड़ने और लोगों के बीच आपसी सहयोग की भावना को मजबूत करने का काम करते हैं।

2027 चुनाव से पहले धार्मिक आयोजन के सियासी मायने

चिल्लूपार विधानसभा क्षेत्र में आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए इस आयोजन के राजनीतिक मायनों पर भी चर्चा शुरू हो गई है। करीब 40 किलोमीटर लंबी शोभायात्रा, महिलाओं की कलश यात्रा, दर्जनों गाड़ियों के काफिले और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं तथा पदाधिकारियों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को चर्चा में ला दिया है। राजनीतिक दृष्टिकोण से इसे क्षेत्र में विधायक की सक्रियता और जनसंपर्क के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। हालांकि, आयोजन के पीछे किसी चुनावी उद्देश्य की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। विधायक राजेश त्रिपाठी ने स्पष्ट किया है कि यह कोई चुनावी शक्ति प्रदर्शन नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था, सनातन परंपराओं के प्रचार-प्रसार और जनजागरण से जुड़ा कार्यक्रम है। ऐसे में धार्मिक आयोजन और उससे जुड़ी राजनीतिक चर्चाएं चिल्लूपार की स्थानीय सियासत में एक नया विषय बन गई हैं। फिलहाल, रुद्र महायज्ञ और सरयू महोत्सव के जरिए चिल्लूपार विधानसभा क्षेत्र में धार्मिक गतिविधियां चर्चा में हैं। करीब 40 किलोमीटर लंबी शोभायात्रा और दो किलोमीटर की कलश यात्रा में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी देखने को मिली। विधायक राजेश त्रिपाठी इसे पितरों के सम्मान, सनातन परंपराओं के प्रचार-प्रसार और जनजागरण का आयोजन बता रहे हैं। वहीं, 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले इस कार्यक्रम के राजनीतिक मायनों पर भी चर्चा हो रही है। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में चिल्लूपार की सियासत में इस आयोजन को किस रूप में देखा जाता है और इसका स्थानीय राजनीतिक गतिविधियों पर क्या असर पड़ता है।

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