फिरोजाबाद में स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस पर हुए पथराव की घटना ने रेलवे और सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया था। जिस कोच में पथराव हुआ, उसमें आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत भी यात्रा कर रहे थे। घटना के बाद प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जीआरपी, एसओजी, सर्विलांस और स्थानीय पुलिस की कई टीमें गठित की गईं। 50 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगालने और तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने 15 घंटे के भीतर पूरे मामले का खुलासा कर दिया।
जांच में सामने आया कि घटना किसी संगठित साजिश का हिस्सा नहीं थी, बल्कि रेलवे ट्रैक के पास कूड़ा बीन रहे तीन किशोरों की हरकत का परिणाम थी। बताया गया कि पत्थर उठाकर ट्रेन पर फेंकने से कोच का शीशा टूट गया।

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो बाल अपचारियों को हिरासत में ले लिया है, जबकि तीसरे की तलाश जारी है। हिरासत में लिए गए किशोरों का पूर्व में भी चोरी और रेलवे से जुड़े मामलों में रिकॉर्ड सामने आया है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले में किशोर न्याय अधिनियम के तहत विधिक कार्रवाई की जा रही है। साथ ही रेलवे ट्रैक के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को और मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है।