नोएडा। नौकरी और एडमिशन दिलाने के नाम पर युवाओं से कथित साइबर ठगी करने वाले फर्जी एविएशन जॉब रैकेट का साइबर क्राइम पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में वांछित आरोपी डॉक्टर अजय को गाजियाबाद से गिरफ्तार किया है। इससे पहले इसी मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी नोएडा के सेक्टर-22 में LAMBODAR INSTITUTE के नाम से कथित फर्जी कॉल सेंटर संचालित कर रहे थे। यहां युवाओं को एविएशन कंपनियों और ट्रेनिंग संस्थानों में नौकरी दिलाने का लालच दिया जाता था।अभ्यर्थियों से बातचीत के बाद उन्हें अलग-अलग प्रक्रियाओं के नाम पर भुगतान करने के लिए तैयार किया जाता था।
जांच के मुताबिक, आरोपी ऑनलाइन इंटरव्यू, रजिस्ट्रेशन, एडमिशन, ट्रेनिंग, मेडिकल, यूनिफॉर्म और सिक्योरिटी डिपॉजिट जैसी अलग-अलग फीस के नाम पर पैसे लेते थे। युवाओं का भरोसा जीतने के लिए उन्हें फर्जी दस्तावेज और ऑफर लेटर भेजे जाने की बात भी पुलिस जांच में सामने आई है।
पुलिस के अनुसार, ठगी के लिए आरोपियों ने Noida International Airport के नाम से कथित फर्जी वेबसाइट भी तैयार की थी। इसके जरिए नौकरी और एडमिशन से संबंधित जानकारी देकर अभ्यर्थियों को विश्वास में लिया जाता था।इसके बाद उनसे अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा कराई जाती थी। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और पैसों के लेनदेन की भी जांच कर रही है।
इस मामले में पुलिस ने इससे पहले 8 जुलाई को पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था। अब वांछित आरोपी डॉक्टर अजय की गिरफ्तारी के बाद पुलिस मामले की आगे की कड़ियों की जांच कर रही है।
पुलिस ने युवाओं और अभिभावकों से अपील की है कि किसी भी नौकरी, ट्रेनिंग या एडमिशन के नाम पर ऑनलाइन भुगतान करने से पहले संबंधित संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट और अधिकृत संपर्क माध्यम से जानकारी की पुष्टि जरूर करें।किसी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक, ऑफर लेटर या बैंक खाते पर बिना सत्यापन के रकम जमा करने से बचने की सलाह दी गई है।
यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है तो देरी किए बिना **1930** पर शिकायत करने या [राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल](https://cybercrime.gov.in/?utm_source=chatgpt.com) पर रिपोर्ट दर्ज कराने की सलाह दी गई है।