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गौतमबुद्धनगर पुलिस की बड़ी सफलता: 95% से अधिक बच्चे सकुशल बरामद, परिवारों से मिलाया

गौतमबुद्धनगर पुलिस ने गुमशुदा और अपहृत लोगों की तलाश में बड़ी सफलता हासिल की है। 1 जनवरी 2025 से 31 जुलाई 2026 तक दर्ज 3,348 गुमशुदगी के मामलों में 2,962 लोगों को सकुशल बरामद किया गया। वहीं, 650 गुमशुदा बच्चों में से 619 यानी 95.23% बच्चों को सुरक्षित उनके परिवारों तक पहुंचाया गया। पुलिस ने CCTV, इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस, तकनीकी साक्ष्य, सोशल मीडिया और मुखबिर तंत्र की मदद से ये कार्रवाई की।

By: Nivedita  RNI News Network
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गौतमबुद्धनगर पुलिस की बड़ी सफलता: 95% से अधिक बच्चे सकुशल बरामद, परिवारों से मिलाया

गौतमबुद्धनगर। गुमशुदा और अपहृत लोगों की तलाश को लेकर गौतमबुद्धनगर पुलिस ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। पुलिस की ओर से उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, 1 जनवरी 2025 से 31 जुलाई 2026 के बीच कमिश्नरेट के तीनों जोन में दर्ज गुमशुदगी के मामलों में बड़ी संख्या में लोगों को सकुशल बरामद कर उनके परिजनों तक पहुंचाया गया।

3,348 गुमशुदगी के मामलों में 2,962 लोग बरामद

पुलिस के अनुसार, इस अवधि में तीनों जोन में कुल 3,348 स्त्री-पुरुषों की गुमशुदगी दर्ज की गई। इनमें से 2,962 लोगों को सकुशल बरामद किया जा चुका है। यह कुल मामलों का करीब 88.47 प्रतिशत है। पुलिस का कहना है कि शेष मामलों में भी तलाश और जांच की प्रक्रिया लगातार जारी है।

650 बच्चों में 619 की सुरक्षित बरामदगी

गुमशुदा बच्चों की तलाश में भी पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। इस अवधि में 650 बालक-बालिकाओं से जुड़े मामले दर्ज हुए, जिनमें से 619 बच्चों को सकुशल बरामद कर लिया गया। बच्चों की बरामदगी का आंकड़ा 95.23 प्रतिशत रहा। बरामद किए गए बच्चों को आवश्यक कार्रवाई के बाद उनके परिवारों से मिलाया गया।

सेंट्रल नोएडा जोन का प्रदर्शन सबसे बेहतर

तीनों जोन के आंकड़ों पर नजर डालें तो बच्चों की बरामदगी के मामले में सेंट्रल नोएडा जोन सबसे आगे रहा। यहां दर्ज मामलों में 97.67 प्रतिशत बच्चों को सकुशल बरामद किया गया। वहीं, नोएडा जोन में 94.77 प्रतिशत और ग्रेटर नोएडा जोन में 91.60 प्रतिशत बच्चों की सुरक्षित बरामदगी हुई।

 तकनीकी संसाधनों से तलाश में मिली मदद

पुलिस ने गुमशुदा लोगों की तलाश के लिए पारंपरिक पुलिसिंग के साथ आधुनिक तकनीक का भी इस्तेमाल किया। जांच के दौरान CCTV फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस, तकनीकी साक्ष्य, सोशल मीडिया और मुखबिर तंत्र की मदद ली गई। इन संसाधनों के जरिए संदिग्ध गतिविधियों और गुमशुदा लोगों की संभावित लोकेशन का पता लगाने का प्रयास किया गया।

हॉटस्पॉट क्षेत्रों में बढ़ाई गई निगरानी

गुमशुदगी की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पुलिस ने ऐसे क्षेत्रों को चिन्हित किया है, जहां इस तरह के मामले सामने आने की संभावना अधिक रहती है। इन हॉटस्पॉट इलाकों में पुलिस की गश्त बढ़ाने के साथ संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग और CCTV निगरानी को मजबूत किया गया है।

गुमशुदगी की सूचना तुरंत देने की अपील

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि परिवार का कोई सदस्य या बच्चा लापता होने पर सूचना देने में देरी न करें। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती समय में सूचना मिलने से तलाश शुरू करने और संभावित सुराग जुटाने में काफी मदद मिलती है। इसलिए परिजनों को सलाह दी गई है कि किसी भी व्यक्ति के अचानक लापता होने की स्थिति में तत्काल पुलिस से संपर्क करें।

कासना और सेक्टर-49 पुलिस की कार्रवाई बनी उदाहरण

गुमशुदा बच्चों की बरामदगी में कासना और सेक्टर-49 पुलिस की कार्रवाई भी उल्लेखनीय रही। संबंधित टीमों ने तकनीकी संसाधनों और लगातार प्रयासों के जरिए बच्चों का पता लगाकर उन्हें सुरक्षित उनके परिवारों तक पहुंचाया।

बाकी मामलों में भी तलाश जारी

गौतमबुद्धनगर पुलिस के अनुसार, जिन लोगों की अभी तक बरामदगी नहीं हो सकी है, उनकी तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि प्रत्येक मामले को गंभीरता और संवेदनशीलता से लिया जा रहा है और उपलब्ध तकनीकी संसाधनों के साथ-साथ अन्य माध्यमों से भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

 

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