लखनऊ: रक्षाबंधन के पावन पर्व पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के नाम पाती लिखी है। इसमें उन्होंने रक्षाबंधन को केवल भाई की कलाई पर बांधे जाने वाले रक्षा-सूत्र का पर्व नहीं, बल्कि स्नेह, विश्वास और संकल्प का पावन पर्व बताया।मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि रक्षाबंधन परिवार को जोड़ता है और समाज में आत्मीयता का भाव जगाता है। यह पर्व हमारे सनातन संस्कारों की सुदृढ़ परंपरा का भी प्रतीक है।सीएम योगी ने रक्षाबंधन से जुड़े भगवान श्रीकृष्ण और द्रौपदी के प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि जब श्रीकृष्ण की उंगली से रक्त बह रहा था, तब द्रौपदी ने अपनी साड़ी का किनारा फाड़कर उनकी उंगली पर बांध दिया था। द्रौपदी के इस स्नेह का प्रत्युत्तर श्रीकृष्ण ने संकट के समय उनकी रक्षा करके दिया।मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की नई पीढ़ी के लिए इन संस्कारों को केवल परंपरा के रूप में जानना ही नहीं, बल्कि उन्हें अपने आचरण का हिस्सा बनाना पहले से अधिक जरूरी है।उन्होंने कहा कि संस्कार परिवारों को मजबूत करते हैं और समाज को एकजुट रखते हैं। यही संस्कार समानता, बंधुता और सामाजिक समरसता के भाव को भी मजबूत करते हैं।
बहन-बेटियों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि रक्षा का भाव केवल पारिवारिक रिश्तों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक संवेदनशील सरकार के संकल्प में भी दिखाई देता है।उन्होंने कहा कि बहन-बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।सीएम योगी की इस पाती में रक्षाबंधन के सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व के साथ-साथ महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता का संदेश भी दिया गया है।मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए समाज में प्रेम, भाईचारे, सम्मान और सामाजिक समरसता की भावना को मजबूत करने का आह्वान किया।