लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हृदय से मंगलकामनाएं दीं। अपने संदेश में उन्होंने मां दुर्गा की महिमा, महिषासुर पर उनकी विजय और धर्म एवं न्याय की पुनर्स्थापना के प्रसंग का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने नवरात्र को शक्ति, साहस, संकल्प और सकारात्मकता का संदेश देने वाला पर्व बताया।
मां दुर्गा की विजय का किया उल्लेख
सीएम योगी ने कहा कि आदिशक्ति मां दुर्गा का प्राकट्य देवताओं की सामूहिक ऊर्जा से हुआ था। मां दुर्गा ने महिषासुर का वध कर धर्म और न्याय की पुनर्स्थापना की। उन्होंने मां जगतजननी के ममतामयी और शक्तिशाली स्वरूप का उल्लेख करते हुए कहा कि आवश्यकता पड़ने पर मां चंडी का रूप भी धारण करती हैं।
प्रभु श्रीराम की साधना का प्रसंग
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में प्रभु श्रीराम की आराधना का प्रसंग भी साझा किया। उन्होंने बताया कि लंका विजय से पहले प्रभु श्रीराम ने मां जगतजननी की साधना की थी। मान्यता के अनुसार, 108 नीलकमलों में एक कमल कम पड़ने पर प्रभु श्रीराम ने अपना नयन अर्पित करने का निश्चय किया। मां जगतजननी ने प्रसन्न होकर उन्हें विजय का वरदान दिया।

अहंकार और नकारात्मकता पर विजय का संदेश
सीएम योगी ने कहा कि नवरात्र का पर्व अहंकार, दुराग्रह, आसक्ति और नकारात्मक प्रवृत्तियों पर विजय प्राप्त करने की प्रेरणा देता है। मां दुर्गा के नौ स्वरूपों में विनम्रता, साहस, शक्ति, संकल्प, न्याय और धर्म की विजय का भाव निहित है।उन्होंने कहा कि नवरात्र हमें सज्जनता के साथ शक्ति और दृढ़ संकल्प का सामर्थ्य रखने की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री का यह संदेश धार्मिक आस्था के साथ जीवन में सकारात्मकता, साहस और न्याय के मूल्यों को अपनाने पर केंद्रित है।