गौतम बुद्ध नगर। सूरजपुर स्थित सिविल कोर्ट में नोएडा प्राधिकरण को भूमि से जुड़े एक मामले में महत्वपूर्ण कानूनी राहत मिली है। सिविल जज (सी.डी.-3), गौतम बुद्ध नगर की अदालत ने मूलवाद संख्या 789/2025 में पहले जारी किए गए अंतरिम स्थगन आदेश को निरस्त कर दिया।
यह मामला ग्राम सौरखा जाहिदाबाद, तहसील दादरी की खसरा संख्या 798मि. की करीब 5-2-0 बीघा पुख्ता भूमि से संबंधित है। मामले में विकास गोयल बनाम नवीन ओखला औद्योगिक विकास प्राधिकरण एवं अन्य पक्षकार हैं। प्राधिकरण की ओर से अदालत में पैरवी करते हुए अधिवक्ता सन्दीप सिंह चौहान ने संबंधित भूमि पर कथित अनधिकृत निर्माण और भूमि की प्रकृति में बदलाव की कोशिश का मुद्दा उठाया।
प्राधिकरण की ओर से अदालत के समक्ष तर्क दिया गया कि किसी अंतरिम स्थगन आदेश को संबंधित भूमि पर निर्माण या विकास कार्य करने की वैधानिक अनुमति के तौर पर नहीं देखा जा सकता। प्राधिकरण ने न्यायालय के समक्ष मामले से जुड़े दस्तावेज, रिकॉर्ड और कानूनी तर्क प्रस्तुत किए। इन पर विचार करने के बाद अदालत ने 1 सितंबर 2026 को पूर्व में जारी स्थगन आदेश को निरस्त (Vacate) कर दिया।
नोएडा प्राधिकरण के लिए यह आदेश भूमि की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्राधिकरण का कहना है कि आदेश से संबंधित भूमि पर अनधिकृत गतिविधियों को रोकने और सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
नोएडा प्राधिकरण के मुख्य विधि सलाहकार वी.के. सिंह ने कहा कि प्राधिकरण की भूमि और सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा के लिए कानून के अनुरूप प्रभावी कानूनी पैरवी और आवश्यक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। अदालत के आदेश के बाद अब मामले से जुड़े आगे के कानूनी कदम और कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ेंगे।