लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा फैसला लेते हुए 13,116 नए ग्राम पंचायत अधिकारी (पंचायत सचिव) के पदों के सृजन को मंजूरी दे दी है। यह निर्णय 5 जून 2026 को हुई पंचायती राज विभाग की बैठक में लिया गया। सरकार का उद्देश्य राज्य की सभी ग्राम पंचायतों में प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाना है।
सरकार के अनुसार, उत्तर प्रदेश की करीब 58,000 ग्राम पंचायतों में प्रत्येक पंचायत के लिए अलग पंचायत सचिव तैनात करने की योजना बनाई गई है। वर्तमान में सचिवों की कमी के कारण बड़ी संख्या में पंचायतों का कार्य अतिरिक्त प्रभार के माध्यम से संचालित किया जा रहा है, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

बैठक में तय किया गया कि 13,116 नए पदों पर भर्ती तीन चरणों में पूरी की जाएगी। पहले चरण में 4,372 नए पदों के सृजन को स्वीकृति दे दी गई है। शेष पदों पर भर्ती आगामी वर्षों में चरणबद्ध तरीके से की जाएगी।बैठक में ग्राम पंचायत अधिकारी (VPO) और ग्राम विकास अधिकारी (VDO) के लिए एक यूनिफाइड कैडर बनाने के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया, लेकिन इसे मंजूरी नहीं दी गई। सरकार ने दोनों संवर्गों को अलग-अलग बनाए रखने का निर्णय लिया है।

वर्तमान में प्रदेश में लगभग 16,000 पंचायत सचिव कार्यरत हैं, जबकि करीब 42,000 ग्राम पंचायतों में नियमित सचिव उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में कई कर्मचारियों को एक साथ कई पंचायतों का अतिरिक्त प्रभार संभालना पड़ रहा है। नई भर्ती के बाद इस समस्या में काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि पर्याप्त संख्या में पंचायत सचिवों की नियुक्ति होने से ग्राम पंचायतों में विकास योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन, प्रशासनिक कार्यों में तेजी और ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा।