मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति के संकल्प से जुड़ी प्रस्तावित कार सेवा को लेकर सोमवार को ब्रज के नंदगांव स्थित नंदबाबा मंदिर में धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किया गया। यहां श्रीकृष्ण अखंड ज्योति और दिव्य शिला का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजन किया गया। इसके साथ ही अखंड ज्योति और दिव्य शिला की रथयात्रा का शुभारंभ हुआ। आयोजन में संत-महात्माओं और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
श्री चित्रगुप्त पीठ, वृंदावन गोवर्धन धाम के पीठाधीश्वर डॉ. स्वामी सच्चिदानंद महाराज संतों और श्रद्धालुओं के साथ अखंड ज्योति एवं दिव्य शिला लेकर नंदबाबा मंदिर पहुंचे। मंदिर के गर्भगृह में डॉ. हरिमोहन गोस्वामी के नेतृत्व में गोस्वामी पुजारी समाज ने वैदिक मंत्रों के साथ पूजन संपन्न कराया। इस दौरान बालकृष्ण गोस्वामी, मुकेश गोस्वामी, कन्हैयालाल गोस्वामी, हरिमोहन पांडा, मुरारी गोस्वामी, कान्हा गोस्वामी, शिवहरी गोस्वामी और सुशील गोस्वामी समेत अन्य सेवायत मौजूद रहे।
मंदिर के पुजारी डॉ. हरिमोहन गोस्वामी ने नंदबाबा मंदिर में दिव्य शिला के पूजन को धार्मिक आस्था और ब्रज की परंपराओं से जुड़ा महत्वपूर्ण अवसर बताया। आयोजकों के अनुसार, दिव्य शिला को श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर प्रस्तावित मंदिर निर्माण की पहली शिला के रूप में स्थापित करने की भावना से यात्रा में शामिल किया गया है। पूजन के दौरान श्रद्धालुओं ने श्रीकृष्ण अखंड ज्योति और दिव्य शिला के दर्शन किए तथा धार्मिक संकल्प के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।

आयोजकों ने बताया कि 6 दिसंबर को प्रस्तावित कार सेवा के मद्देनजर यह धार्मिक यात्रा शुरू की गई है। डॉ. स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने इस अवसर पर सनातन संस्कृति, धार्मिक आस्था और ऐतिहासिक विरासत के सम्मान के लिए शांतिपूर्ण एवं संगठित प्रयासों पर जोर दिया। नंदगांव में पूजन के बाद अखंड ज्योति और दिव्य शिला की रथयात्रा को अभियान के एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम में श्री चित्रगुप्त पीठ के श्रीमहंत राहुल गोपाल महाराज, कार सेवा संघ के मंडल प्रमुख प्रकाश चंद्र सोनी, जिला प्रमुख काली ठाकुर, युवा प्रकोष्ठ प्रमुख संजय ठाकुर, रोहित पाठक, मयंक सक्सेना और श्यामसुंदर सहित कई श्रद्धालु एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। नंदबाबा मंदिर में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम के साथ अखंड ज्योति और दिव्य शिला की यात्रा आगे बढ़ी। आयोजकों ने इसे श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति के संकल्प और धार्मिक आस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन बताया।