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गांव-गांव डिजिटल जागरूकता फैला रहीं महिलाएं, 100 से अधिक डिजिटल सखियों की जिला स्तरीय कार्यशाला

कुशीनगर के पडरौना में आयोजित डिजिटल सखी कार्यशाला में 100 से अधिक महिलाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम में सरकारी योजनाओं, साइबर सुरक्षा, डिजिटल लेनदेन और महिला सुरक्षा के प्रति ग्रामीण महिलाओं को जागरूक बनाने पर जोर दिया गया।

By: Nivedita  RNI News Network
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गांव-गांव डिजिटल जागरूकता फैला रहीं महिलाएं, 100 से अधिक डिजिटल सखियों की जिला स्तरीय कार्यशाला

कुशीनगर।  ग्रामीण महिलाओं को डिजिटल तकनीक से जोड़ने और उन्हें सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से पडरौना स्थित पार्थ रिजॉर्ट में डिजिटल सखी परियोजना की जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें 100 से अधिक डिजिटल सखियों के साथ विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए। कार्यशाला में साइबर सुरक्षा, महिला सशक्तीकरण और सरकारी सुविधाओं की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।

ग्रामीण महिलाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की पहल

बायफ संस्था और एलएंडटी फाइनेंस कंपनी के सहयोग से संचालित डिजिटल सखी परियोजना ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को तकनीकी रूप से जागरूक बनाने का काम कर रही है। इस पहल के माध्यम से महिलाएं अपने गांवों में दूसरी महिलाओं को डिजिटल सेवाओं के इस्तेमाल और सरकारी योजनाओं की जानकारी देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। कार्यशाला में परियोजना के कार्यों की समीक्षा के साथ जागरूकता अभियान को और प्रभावी बनाने पर चर्चा की गई।

कुशीनगर के छह ब्लॉकों में सक्रिय हैं डिजिटल सखियां

डिजिटल सखी परियोजना के तहत कुशीनगर जिले के पडरौना, खड्डा, सुकरौली, हाटा, कप्तानगंज और फाजिलनगर ब्लॉकों में महिलाएं सक्रिय हैं। ये डिजिटल सखियां घर-घर जाकर लोगों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और ऑनलाइन सुविधाओं के बारे में जानकारी देती हैं। इसके साथ ही महिलाओं को डिजिटल लेनदेन के दौरान सावधानी बरतने, साइबर धोखाधड़ी से बचने और ऑनलाइन सेवाओं का सुरक्षित उपयोग करने के तरीके भी बताए जाते हैं।

मिशन शक्ति के जरिए महिला सुरक्षा का संदेश

डिजिटल सखियां महिलाओं को मिशन शक्ति से जुड़ी गतिविधियों और महिला सुरक्षा के उपायों के प्रति भी जागरूक कर रही हैं। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों, उपलब्ध सहायता सेवाओं और सुरक्षा से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराना है। कार्यशाला में साइबर अपराधों से बचाव और महिलाओं के बीच जागरूकता बढ़ाने के लिए विभागीय समन्वय के महत्व पर भी ध्यान दिया गया।

 

 

विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने लिया हिस्सा

कार्यशाला में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के जिला समन्वयक फैजल आलम मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। बायफ के एसीपीई पंकज कट्टे, गोरखपुर के प्रोजेक्ट मैनेजर डीसी वर्मा और कुशीनगर डिजिटल सखी परियोजना के प्रोजेक्ट मैनेजर आशीष पाठक ने भी सहभागिता की। इसके अलावा एनआरएलएम, विकास विभाग, साइबर सेल और महिला कल्याण विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी कार्यक्रम में शामिल हुए।

साइबर सुरक्षा और जागरूकता पर विशेष जोर

साइबर सेल से अनिल सिंह यादव, एके गुप्ता और उनकी टीम ने कार्यक्रम में भाग लिया। महिला कल्याण विभाग की रीता यादव और उनकी टीम की मौजूदगी ने महिला सुरक्षा से संबंधित जागरूकता के महत्व को सामने रखा। परियोजना क्लस्टर कोऑर्डिनेटर प्रीति राज, मनीषा कुमारी, कुंवर सैन और एमआईएस अधिकारी सागर कुमार सहित अन्य कर्मचारियों ने भी कार्यशाला में हिस्सा लिया।

गांव-गांव तक पहुंचेगी डिजिटल जागरूकता

डिजिटल सखी परियोजना का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को तकनीकी जानकारी देकर उन्हें अधिक आत्मनिर्भर बनाना और सरकारी सेवाओं तक उनकी पहुंच आसान करना है। डिजिटल सखियों के माध्यम से महिलाओं को साइबर अपराधों से सतर्क रहने, सरकारी योजनाओं का लाभ समझने और डिजिटल सुविधाओं का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। कुशीनगर में आयोजित यह कार्यशाला ग्रामीण महिलाओं के बीच डिजिटल जागरूकता बढ़ाने और विभिन्न विभागों के सहयोग से अभियान को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

 

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