राम मंदिर ट्रस्ट को मिले दान और चढ़ावे के प्रबंधन मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और ट्रस्ट को नोटिस जारी किया है। अदालत ने मामले की जांच कर रही SIT से रिपोर्ट मांगी है और अगली सुनवाई सोमवार को निर्धारित की गई है।
राम मंदिर ट्रस्ट को मिले दान और चढ़ावे के प्रबंधन मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और ट्रस्ट को नोटिस जारी किया है। अदालत ने मामले की जांच कर रही SIT से रिपोर्ट मांगी है और अगली सुनवाई सोमवार को निर्धारित की गई है।
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले में SIT की 9 पेज की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सामने आई है। रिपोर्ट में गणना कक्ष के सीसीटीवी फुटेज के आधार पर करीब 70 संदिग्ध घटनाओं का उल्लेख किया गया है। छह लोगों की भूमिका पर प्रथम दृष्टया सवाल उठाए गए हैं, जबकि चंपत राय के नाम का रिपोर्ट में कोई उल्लेख नहीं है।
अयोध्या राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे से जुड़े कथित चोरी मामले को लेकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की हाईलेवल बैठक हुई। बैठक में जांच की प्रगति, इस्तीफों और भविष्य की रणनीति पर चर्चा की गई। वहीं SIT की प्रारंभिक जांच में सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कई संदिग्ध गतिविधियों का उल्लेख किया गया है।
अयोध्या में राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की जमीन खरीद को लेकर राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। उन्होंने 11 जमीन सौदों से जुड़े दस्तावेज एसआईटी को सौंपकर गहन जांच की मांग की है। आरोप है कि कई जमीनें बाजार दर से कई गुना अधिक कीमत पर खरीदी गईं।
अयोध्या में राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने विशेष जांच दल की जांच का हवाला देते हुए जिला प्रशासन को वित्तीय जानकारी देने से इनकार कर दिया है। मामले में दान, जमीन खरीद और बैंकिंग प्रक्रिया से जुड़े पहलुओं की जांच जारी है। रिपोर्ट सरकार तक पहुंच चुकी है और विभिन्न स्तरों पर अनियमितताओं के आरोपों की जांच हो रही है।
राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने कहा है कि चढ़ावा प्रकरण की जांच के लिए गठित एसआईटी एक सप्ताह के भीतर अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंप सकती है। सरकार ने 24 घंटे के भीतर जांच दल का गठन किया था।
अयोध्या में राम मंदिर दान चोरी विवाद पर महंत कमल नयन दास ने बयान देते हुए कहा कि इस मामले की असली जांच भगवान करेंगे। उन्होंने जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि हर व्यक्ति को अपने कर्मों का फल मिलता है। महंत ने बिना नाम लिए कुछ लोगों की जीवनशैली पर भी टिप्पणी की और कहा कि गलत कार्य करने वालों को अंततः न्याय मिलेगा।
अयोध्या के वरिष्ठ साधु संतों की मौजूदगी में धार्मिक अनुष्ठान के साथ भगवान सूर्य मंदिर के शिखर परपर ध्वजारोहण किया गया