इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा कि आरोपी द्वारा वकील को दी गई पेशेवर फीस को केवल भुगतान के आधार पर अपराध की आय नहीं माना जा सकता, जब तक वकील की आपराधिक भूमिका साबित न हो।
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा कि आरोपी द्वारा वकील को दी गई पेशेवर फीस को केवल भुगतान के आधार पर अपराध की आय नहीं माना जा सकता, जब तक वकील की आपराधिक भूमिका साबित न हो।