नोएडा के ग्राम हाजीपुर में खसरा नंबर 412 पर करीब 1200 वर्ग मीटर जमीन पर हो रहे अवैध निर्माण को प्राधिकरण ने ध्वस्त किया। मौके पर “यह बिल्डिंग अवैध है” लिखकर लोगों को दोबारा निर्माण और जमीन की खरीद-फरोख्त से सावधान किया गया।
नोएडा के ग्राम हाजीपुर में खसरा नंबर 412 पर करीब 1200 वर्ग मीटर जमीन पर हो रहे अवैध निर्माण को प्राधिकरण ने ध्वस्त किया। मौके पर “यह बिल्डिंग अवैध है” लिखकर लोगों को दोबारा निर्माण और जमीन की खरीद-फरोख्त से सावधान किया गया।
सूरजपुर न्यायालय में नोएडा प्राधिकरण से जुड़े सिविल वाद संख्या 1348/2023 में सुनवाई के दौरान अदालत ने मौजूदा स्टे को आगे बढ़ाने के लिए वादी पक्ष को अंतिम अवसर दिया है। मामला सोरखा जाहिदाबाद की करीब 55 बीघा भूमि से जुड़ा है और अगली सुनवाई में स्थगन आदेश की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 में 3 से 10 लाख आबादी वाले शहरों की श्रेणी में नोएडा ने देशभर में 8वीं रैंक हासिल की। पिछले साल नोएडा 9वें स्थान पर था।
नोएडा प्राधिकरण ने ग्रामीण क्षेत्रों में 11.49 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को गति दी है। कई गांवों में सीसी रोड, नाली, पुस्तकालय, चौपाल और बारातघर समेत विभिन्न कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया।
गौतमबुद्ध नगर के सूरजपुर न्यायालय ने सिविल वाद संख्या 758/2025 में नोएडा प्राधिकरण को बड़ी कानूनी राहत देते हुए पूर्व में जारी अस्थायी निषेधाज्ञा को निरस्त कर दिया। करीब 14.1010 हेक्टेयर भूमि से जुड़े मामले में प्राधिकरण की ओर से अधिवक्ता संदीप सिंह चौहान ने पैरवी की। प्राधिकरण का आरोप था कि स्टे की आड़ में भूमि पर निर्माण और मौके की स्थिति बदलने का प्रयास किया जा रहा था।
नोएडा प्राधिकरण की 223वीं बोर्ड बैठक में किसानों के भूमि मुआवजे में बढ़ोतरी, अटकी बिल्डर परियोजनाओं में रजिस्ट्री, सेक्टर-145 में 100 TPD वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट, सड़क निर्माण की दरों में संशोधन और सहकारी समितियों के फ्लैट धारकों को राहत समेत कई अहम फैसले लिए गए।
नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में ई-बस सेवा को शानदार रिस्पॉन्स मिल रहा है। नोएडा में अगस्त में 3.40 लाख यात्रियों ने सफर किया। अब 25 नई ई-बसें जोड़ने की तैयारी है।
गौतम बुद्ध नगर की सूरजपुर अदालत में नोएडा प्राधिकरण को भूमि विवाद से जुड़े मामले में राहत मिली है। सिविल जज (सी.डी.-3) ने 1 सितंबर 2026 को पहले जारी अंतरिम स्थगन आदेश को निरस्त कर दिया। प्राधिकरण ने संबंधित भूमि पर कथित अनधिकृत निर्माण की कोशिश का मुद्दा उठाया था।
Noida Authority ने पर्थला गोलचक्कर पर ट्रैफिक जाम कम करने के लिए सिग्नेचर ब्रिज के नीचे 6 लेन अंडरपास बनाने की योजना को मंजूरी दी है। करीब 80 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला 710 मीटर लंबा अंडरपास छिजारसी-सोरखा रूट और FNG कॉरिडोर के ट्रैफिक को राहत देगा। निर्माण पूरा होने में करीब 18 महीने लगने का अनुमान है।
नोएडा के पर्थला चौक पर एफएनजी कॉरिडोर की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए 6 लेन अंडरपास बनाने की योजना तैयार की गई है। करीब 710 मीटर लंबे इस अंडरपास पर अनुमानित 80 करोड़ रुपये खर्च होंगे और निर्माण अवधि 18 महीने रखी गई है। इससे चार सेक्टरों की कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है।
नोएडा अथॉरिटी में अधिकारियों के बीच विभागों का बंटवारा कर दिया गया है। एसीईओ पुष्पराज सिंह को 28 विभागों की जिम्मेदारी मिली है। कार्यविभाजन के बाद जनता, बिल्डर्स और बायर्स से जुड़ी समस्याओं के निस्तारण में तेजी आने की उम्मीद है।
नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर सेक्टर-148 और सेक्टर-150 के बीच करीब ₹85 करोड़ की लागत से फ्लाईओवर प्रस्तावित है। इससे सेक्टर-148, 149, 150, 151, 152 और 153 को सीधी क्रॉस-एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी मिलेगी। करीब 2 लाख लोगों और 20 गांवों को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है। परियोजना से जाम, वाहनों की कतार और आवागमन में लगने वाले समय को कम करने में मदद मिलेगी।
नोएडा के सेक्टर-126 में करीब ₹2.83 करोड़ की लागत से 450 मीटर लंबी और 30 मीटर चौड़ी मॉडल रोड विकसित की जाएगी। सड़क के दोनों ओर फुटपाथ और नालियां बनाई जाएंगी, जबकि फुटपाथ पर ग्रेनाइट और टैक्टाइल टाइल्स लगाए जाएंगे। इससे ट्रैफिक, पैदल आवागमन और क्षेत्र के सौंदर्यीकरण में सुधार की उम्मीद है।
नोएडा प्राधिकरण की बैठक में उद्यमियों ने औद्योगिक इकाइयों से जुड़ी विभिन्न समस्याएं उठाईं। CEO कृष्ण करुणेश ने संबंधित अधिकारियों को नियमों के तहत मामलों का समयबद्ध समाधान करने के निर्देश दिए। कई प्रक्रियाओं को पहले ही सरल किए जाने की जानकारी भी दी गई।
नोएडा के सेक्टर-101 मेट्रो लाइन से DSC रोड तक सिंचाई नाले के किनारे करीब **2846 मीटर लंबी RCC दीवार** बनाई जा रही है। 0.9 मीटर ऊंची इस दीवार से भंगेल और सलारपुर क्षेत्र के हजारों लोगों की आवाजाही सुरक्षित होने की उम्मीद है। निर्माण करीब छह महीने में पूरा होने की संभावना है।