फर्रुखाबाद में बाढ़ आपदा से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने 52 बाढ़ चौकियां, 24 शरणालय, 191 नावें और 53 गोताखोरों की तैनाती की तैयारी की है। मानसून से पहले मेगा मॉक ड्रिल भी आयोजित की गई।
फर्रुखाबाद में बाढ़ आपदा से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने 52 बाढ़ चौकियां, 24 शरणालय, 191 नावें और 53 गोताखोरों की तैनाती की तैयारी की है। मानसून से पहले मेगा मॉक ड्रिल भी आयोजित की गई।
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में हुए मालवीय नगर अग्निकांड जैसी घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने सभी जिलों में होटल, गेस्ट हाउस और व्यावसायिक भवनों की फायर सेफ्टी और NOC की अनिवार्य जांच के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और लापरवाही पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की
मौसम विभाग द्वारा जारी आंधी, बारिश और वज्रपात की चेतावनी के बाद सोनभद्र जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। जिलाधिकारी चर्चित गौर के निर्देश पर गांवों और नगर क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
Agra : आगरा में 47 साल बाद यमुना नदी ने तबाही मचाई है। ताजमहल के पीछे का पार्क डूब गया और पानी बाउंड्री तक पहुँच गया। 25 कॉलोनियां, 40 गाँव प्रभावित हुए और 50,000 से अधिक लोग राहत शिविरों में शिफ्ट किए गए।
Bijnor : बिजनौर में गंगा के तटबंध में कटान के कारण स्थिति गंभीर हो गई है, जिससे दिल्ली-पौड़ी हाईवे बंद कर दिया गया है।एक दर्जन से अधिक गांव और हजारों हेक्टेयर फसल खतरे में हैं, ग्रामीण अपना सामान सुरक्षित स्थानों पर ले जा रहे हैं।सिंचाई विभाग, प्रशासन और मजदूर लगातार बचाव कार्य में जुटे हैं, लेकिन तटबंध अभी तक पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो पाया है।
Saharanpur : सीएम योगी आदित्यनाथ सहारनपुर पहुंचे और उत्तराखंड व हिमाचल प्रदेश के लिए 5-5 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद की घोषणा की।उन्होंने पंजाब, हिमाचल और उत्तराखंड के लिए राहत सामग्री से भरे ट्रकों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।सहारनपुर में हुए नुकसान का सर्वे कराने के निर्देश दिए गए और प्रभावितों को जल्द मुआवजा देने का भरोसा दिलाया।
Firozabad : फिरोजाबाद में यमुना नदी में खराब स्टीमर पर फंसे 25 ग्रामीणों को पांच घंटे की मशक्कत के बाद सुरक्षित बचा लिया गया।ग्रामीणों की सूझबूझ और प्रशासन की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया।प्रशासन ने लोगों से नदी के तेज बहाव में नाव या स्टीमर से सफर न करने की अपील की है।
Mathura : मथुरा में यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुँच गया है और कई इलाके बाढ़ की चपेट में हैं। प्रशासन ने वृंदावन परिक्रमा मार्ग को रोक दिया और स्कूल-कॉलेज चार सितंबर तक बंद किए। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने और बचाव कार्य जारी हैं।
Ballia : बलिया में गंगा नदी का जलस्तर खतरा बिंदु 57.61 मीटर पार कर 59.38 मीटर तक पहुँच गया है।निहोरा नगर सहित शहर के निचले हिस्सों में बाढ़ का पानी घरों में घुस गया है।बाढ़ से लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त है और प्रशासन ने सतर्क रहने की अपील की है।
बलिया जिले में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से हालात गंभीर होते जा रहे हैं। नदी ने खतरे के निशान को पार कर लिया है। जहां पहले खतरे का बिंदु 57.61 मीटर पर था, वहीं अब गंगा का जलस्तर 58.90 मीटर तक पहुंच गया है। अचानक बढ़ते जलस्तर से निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
Ballia: बलिया में परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह और जिलाधिकारी मंगला प्रसाद ने 200 बाढ़ पीड़ित परिवारों को राहत सामग्री वितरित की। अब तक 154 गांवों के 21,700 प्रभावितों को 26 वस्तुओं वाली किट दी जा चुकी है। बाढ़ का पानी घट रहा है, प्रशासन ने दवा, पशु चारा और स्वच्छता की पूरी व्यवस्था की है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने औरैया दौरे के दौरान बाढ़ की गंभीर स्थिति पर चिंता व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने बताया कि सभी प्रभारी मंत्रियों को अपने जिलों में कैंप करने और राहत कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।
Lucknow : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ राहत, कानून व्यवस्था, त्योहारों की तैयारियों, हर घर तिरंगा अभियान और ड्रोन गतिविधियों पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।उन्होंने अधिकारियों को बाढ़ प्रभावितों को तत्काल राहत, शिव मंदिरों में सुरक्षा व्यवस्था और तिरंगा अभियान को सफल बनाने के निर्देश दिए।ड्रोन से दहशत फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है और बेसिक शिक्षा विभाग की अनियमितताओं पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए गए।
Uttar Pradesh Satellite : उत्तर प्रदेश को अपना सैटेलाइट मिलेगा. जिससे लोगों के मोबाइल पर बिजली गिरने से पहले अलर्ट मिलेगा. इस सैटेलाइट से राज्य को आकाशीय बिजली (वज्रपात), बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से बचाने में अहम भूमिका निभाने वाला है |
Ghazipur : गाजीपुर में गंगा का जलस्तर 15 सेंटीमीटर प्रति घंटे की दर से बढ़कर 53.094 मीटर तक पहुंच गया है, जो खतरे के निशान से 10 मीटर नीचे है। प्रशासन ने 35 राहत केंद्र और 44 आश्रय स्थल तैयार कर बाढ़ से निपटने की तैयारी तेज कर दी है। एडीएम दिनेश कुमार ने लोगों से अफवाहों से बचने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।