नीय लोगों का कहना है कि यह मंदिर राजाओं के जमाने से बना हुआ है। 30 साल पहले भी हनुमान जी की आंखों से आंसू आये थे और आज यह दोबारा देखने को मिला है।
नीय लोगों का कहना है कि यह मंदिर राजाओं के जमाने से बना हुआ है। 30 साल पहले भी हनुमान जी की आंखों से आंसू आये थे और आज यह दोबारा देखने को मिला है।
रात में ड्यूटी करने वाले स्टाफ और डॉक्टरों की बात करें तो वो रजिस्टर में इंट्री करने के बाद एक बार अस्पताल का निरीक्षण करके मरीजों की हालत का जायजा लेते हैं। उनको जरूरी दवाएं और उपचार करके अपने रूम में जाकर रेस्ट करने लगते हैं।