लखनऊ। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर विभाजन की त्रासदी को याद करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शुक्रवार, 14 अगस्त को लखनऊ में मौन पदयात्रा निकाली जाएगी। यह पदयात्रा विभाजन के दौरान विस्थापन और अपार पीड़ा झेलने वाले लोगों को श्रद्धांजलि देने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है।
सरदार पटेल की प्रतिमा से लोक भवन तक पदयात्रा
प्रस्तावित मौन पदयात्रा जीपीओ स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा से लोक भवन तक निकाली जाएगी। पदयात्रा के जरिए विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले और विस्थापन की पीड़ा झेलने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी जाएगी।कार्यक्रम का उद्देश्य विभाजन की त्रासदी की स्मृतियों को जीवंत रखना और नई पीढ़ी को उस दौर के संघर्ष, पीड़ा और विस्थापन से परिचित कराना है।
विस्थापित परिवार साझा करेंगे अपनी पीड़ा
पदयात्रा के बाद लोक भवन प्रेक्षाग्रह में कार्यक्रम आयोजित होगा। इसमें विभाजन विभीषिका से प्रभावित विस्थापित परिवारों के सदस्य अपने अनुभव और उस दौर की पीड़ा साझा करेंगे।कार्यक्रम में विभाजन की त्रासदी पर आधारित प्रदर्शनी, लाइव पेंटिंग और लघु फिल्म के माध्यम से विभाजन के दौर के संघर्ष और विस्थापन की तस्वीर प्रस्तुत की जाएगी।इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी संबोधित करेंगे और विभाजन की स्मृतियों तथा उससे मिले सबक पर अपनी बात रखेंगे।
बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी
कार्यक्रम में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, राज्यसभा सदस्य डॉ. दिनेश शर्मा और ब्रजलाल, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, विधान परिषद सदस्य डॉ. महेंद्र कुमार सिंह, मुकेश शर्मा, रामचंद्र प्रधान, इंजीनियर अवनीश कुमार सिंह, डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल और उमेश द्विवेदी समेत कई जनप्रतिनिधि शामिल होंगे।इसके अलावा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह, डॉ. नीरज बोरा, जयदेवी, योगेश शुक्ला और ओपी श्रीवास्तव सहित भाजपा के पदाधिकारी और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे।पंजाबी, सिख, सिंधी और बंगाली समाज के प्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में लोग मौन पदयात्रा और स्मृति कार्यक्रम में शामिल होंगे।विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम विभाजन की पीड़ा को स्मरण करने, विस्थापित परिवारों के संघर्ष को सम्मान देने और इतिहास से सीख लेने का संदेश देगा।