उत्तर प्रदेश सरकार की “आयोग आपके द्वार” पहल के तहत राज्य महिला आयोग का प्रतिनिधिमंडल इटावा पहुंचा। दो दिवसीय दौरे पर आईं राज्य महिला आयोग की सदस्य पूनम द्विवेदी ने विकास भवन स्थित प्रेरणा सभागार में महिलाओं की समस्याओं को सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
जनसुनवाई के दौरान महिलाओं से जुड़ी कुल 14 शिकायतें सामने आईं। राज्य महिला आयोग की सदस्य पूनम द्विवेदी ने प्रत्येक मामले की गंभीरता से सुनवाई की और अधिकारियों को निष्पक्ष एवं समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इनमें से तीन मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष शिकायतों की जांच कर निर्धारित समय सीमा में समाधान करने के निर्देश दिए गए।
जनसुनवाई में आई अधिकांश शिकायतें भूमि कब्जा, पेंशन और पुलिस विभाग से संबंधित थीं। किसी भी मामले में जघन्य अपराध की शिकायत सामने नहीं आई। आयोग ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को सभी मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करने को कहा।
जनसुनवाई के दौरान सबसे भावुक पल तब आया, जब करीब 90 वर्षीय एक बुजुर्ग महिला दो लोगों के सहारे सुनवाई स्थल पहुंचीं। थाना सिविल लाइंस से जुड़ी अपनी शिकायत सुनाते समय वह भावुक हो गईं और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। महिला की पीड़ा सुनने के बाद पूनम द्विवेदी ने तत्काल मामले का संज्ञान लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई कर बुजुर्ग महिला को शीघ्र राहत उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

जनसुनवाई के दौरान सीओ जसवंतनगर आयुषी सिंह, महिला थाना प्रभारी प्रीति सेंगर, जिला कार्यक्रम अधिकारी लक्ष्मीकांत त्रिपाठी सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने शिकायतकर्ताओं की समस्याएं सुनीं और उनके समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
राज्य महिला आयोग की सदस्य पूनम द्विवेदी ने कहा कि सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और न्याय को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि महिलाओं से जुड़े मामलों का समयबद्ध और निष्पक्ष निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि पीड़ितों को जल्द राहत मिल सके।