उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग की समीक्षा बैठक में राज्य को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर और अन्य उभरती तकनीकों का राष्ट्रीय नेतृत्वकर्ता बनाने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को केवल नई तकनीकों का उपभोक्ता नहीं, बल्कि अनुसंधान, नवाचार और अत्याधुनिक विनिर्माण का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में कार्य किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि नोएडा में लगभग 75 एकड़ क्षेत्र में ‘प्रगति’ (Park for Robotics, Artificial Intelligence, GPU Clusters and Advanced Technical Innovation) परियोजना विकसित की जाएगी। यह देश का पहला एकीकृत रोबोटिक्स और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर होगा। इस परियोजना में रोबोटिक्स टेस्टिंग सेंटर, एआई कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टार्टअप इनक्यूबेशन सेंटर, प्रोटोटाइपिंग लैब, डेटा सेंटर और आधुनिक अनुसंधान सुविधाएं विकसित की जाएंगी। सरकार का लक्ष्य इस परियोजना के माध्यम से प्रदेश में हाई-टेक उद्योगों को बढ़ावा देना और बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करना है।
बैठक में जानकारी दी गई कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में लखनऊ और नोएडा में दो यू-हब (U-Hub) स्थापित किए जाएंगे, जिसके लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। नोएडा यू-हब में क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर, रोबोटिक्स और रक्षा प्रौद्योगिकी पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जबकि लखनऊ यू-हब में एप्लाइड एआई, हेल्थ टेक, गवटेक और एग्री बायोटेक्नोलॉजी से जुड़े नवाचारों को बढ़ावा मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के युवाओं को भविष्य की तकनीकों के अनुरूप प्रशिक्षित किया जाए। इसके लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, साइबर सुरक्षा, क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा साइंस और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में विश्वस्तरीय प्रशिक्षण और प्रमाणन कार्यक्रम विकसित किए जाएं। उन्होंने कहा कि उद्योगों की जरूरतों के अनुसार कौशल विकास कार्यक्रम तैयार किए जाएं और तकनीकी शिक्षा संस्थानों, विश्वविद्यालयों तथा उद्योग जगत के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग का विकास केवल नोएडा और गाजियाबाद तक सीमित नहीं रहना चाहिए। राज्य के टियर-2 और टियर-3 शहरों में भी आधुनिक आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित कर निवेश और रोजगार के नए अवसर तैयार किए जाएं। उन्होंने निवेशकों के लिए पारदर्शी और सरल व्यवस्था विकसित करने, स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने तथा वैश्विक क्षमता केंद्र (GCC) स्थापित करने पर भी जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई आईटी नीति को बदलती वैश्विक जरूरतों के अनुरूप अधिक व्यावहारिक, निवेशक-अनुकूल और रोजगार केंद्रित बनाया जाए। सरकार का उद्देश्य स्थानीय युवाओं को गुणवत्तापूर्ण रोजगार उपलब्ध कराना, अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा देना और उत्तर प्रदेश को वैश्विक डिजिटल निवेश का प्रमुख केंद्र बनाना है।