उत्तर प्रदेश। शारदीय नवरात्रि के तीसरे दिन भी उत्तर प्रदेश के प्रमुख देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। मां विंध्यवासिनी धाम से लेकर मां पाटेश्वरी देवी मंदिर और शाकुंभरी देवी मंदिर तक भक्तों ने पहुंचकर दर्शन-पूजन किया। मंदिरों में मां के जयकारों और भक्तिमय माहौल के बीच श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
मिर्जापुर स्थित मां विंध्यवासिनी मंदिर में दर्शन के लिए बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सुबह तक करीब डेढ़ लाख श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन किए। नवरात्रि के अवसर पर मंदिर परिसर में भक्तों की आवाजाही बनी रही और श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।
बलरामपुर स्थित मां पाटेश्वरी देवी मंदिर में भी नवरात्रि के तीसरे दिन श्रद्धालुओं की अच्छी-खासी भीड़ रही। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, करीब एक लाख भक्तों ने मंदिर पहुंचकर दर्शन-पूजन किया। श्रद्धालुओं ने मां के जयकारे लगाते हुए अपनी आस्था प्रकट की।
सहारनपुर स्थित प्रसिद्ध शाकुंभरी देवी मंदिर में भी भक्तों का तांता लगा रहा। जानकारी के अनुसार, करीब 50 हजार श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन किए। नवरात्रि के चलते मंदिर में धार्मिक गतिविधियों और पूजा-अर्चना का विशेष माहौल देखने को मिला।

सीतापुर जिले के नैमिषारण्य स्थित मां ललिता देवी मंदिर में भी श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए पहुंच रहे हैं। नवरात्रि के अवसर पर इस प्रमुख धार्मिक स्थल पर भक्तों की आवाजाही जारी है। श्रद्धालु मां की आराधना कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना कर रहे हैं।
नवरात्रि के दौरान प्रमुख मंदिरों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुचारु आवागमन और भीड़ प्रबंधन के लिए आवश्यक इंतजाम किए गए हैं, ताकि दर्शन के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।
नवरात्रि उत्तर प्रदेश की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं का महत्वपूर्ण पर्व है। देवी मंदिरों में उमड़ रही भीड़ में युवाओं की भागीदारी भी देखने को मिल रही है। ऐसे पर्व धार्मिक विश्वास के साथ-साथ सामाजिक सहभागिता और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं। प्रदेश के प्रमुख शक्तिपीठों में श्रद्धालुओं की उपस्थिति नवरात्रि के प्रति लोगों की गहरी आस्था को दर्शाती है। पूजा-अर्चना, भजन और मां के जयकारों के बीच पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है।