लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर उत्तर प्रदेश में 5 जून से 21 जून तक चलाए जाने वाले विकास, सेवा, सुशासन और जनकल्याण आधारित व्यापक जनसंपर्क अभियान की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों, जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए इसे जनभागीदारी का अभियान बनाया जाए।
बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में लगभग 10 किलोमीटर की ‘प्रगति पथ यात्रा’ निकाली जाएगी। जनप्रतिनिधि गांवों में रात्रि प्रवास करेंगे, चौपाल लगाएंगे और लोगों से संवाद करेंगे। 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत व्यापक वृक्षारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा।

इसके अलावा 8 से 14 जून तक जनसंपर्क अभियान, संवाद कार्यक्रम और पैदल मार्च आयोजित होंगे। 11 से 14 जून के बीच मीडिया संवाद कार्यक्रमों के माध्यम से सरकार की उपलब्धियों और विकास कार्यों की जानकारी जनता तक पहुंचाई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि 14 से 16 जून के बीच प्रदेश के सभी विकास खंडों और नगरीय निकायों में जनकल्याण मेलों का आयोजन किया जाए। इन मेलों में केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों पर आधारित प्रदर्शनियां लगाई जाएंगी तथा पात्र लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। साथ ही आरोग्य मेले, पशु स्वास्थ्य मेले और अन्य जनहितकारी कार्यक्रम भी आयोजित होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 16 और 17 जून को जिला स्तर पर विकसित भारत संकल्प सम्मेलन आयोजित किए जाएं, जिनमें विभिन्न योजनाओं के लाभार्थी अपने अनुभव साझा करेंगे। युवाओं और विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ाने के लिए चित्रकला प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी, जबकि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों, कृषि विशेषज्ञों और एफपीओ संगठनों के साथ विशेष गोष्ठियां होंगी।
18 और 19 जून को केंद्र सरकार के 12 वर्षों की विकास यात्रा पर विशेष प्रदर्शनियां लगाई जाएंगी। वहीं 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रदेश के सभी 825 विकास खंडों और 700 से अधिक नगरीय निकायों में योग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान केवल उपलब्धियों के प्रचार तक सीमित न रहकर जनता से संवाद और विकसित भारत के संकल्प को जनआंदोलन बनाने का माध्यम बने।