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रामपुर में साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का खुलासा, 75 फर्जी बैंक खाते खोलकर 50 लाख से ज्यादा की रकम निकाली

रामपुर साइबर पुलिस ने फर्जी बैंक एजेंट आईडी के जरिए ठगी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, करीब 75 फर्जी खातों के माध्यम से 50 लाख रुपये से अधिक की रकम निकाली गई। मामले में अन्य आरोपियों की तलाश और जांच जारी है।

By: Nivedita  RNI News Network
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रामपुर में साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का खुलासा, 75 फर्जी बैंक खाते खोलकर 50 लाख से ज्यादा की रकम निकाली

उत्तर प्रदेश के रामपुर में साइबर क्राइम पुलिस ने ठगी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी फर्जी बैंक एजेंट और बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट (BC) आईडी बनाकर लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाता था। इन खातों के जरिए साइबर ठगी की 50 लाख रुपये से अधिक की रकम निकाली गई। जांच में करीब 75 फर्जी बैंक खाते खोले जाने की जानकारी सामने आई है।

आधार कार्ड बनाने के बहाने खुलवाया बैंक खाता

मामले की शुरुआत ग्राम परसियापुर निवासी मधु के बच्चे का आधार कार्ड बनवाने के नाम पर हुई। पुलिस जांच में पता चला कि इसी बहाने महिला के नाम पर NSDL पेमेंट्स बैंक में खाता खुलवाया गया। बाद में इस खाते में साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर कराकर एटीएम के माध्यम से निकाल ली गई। इस संबंध में 16 सितंबर 2026 को साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था।

फर्जी BC ID बनाकर चलाता था ठगी का नेटवर्क

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी वीरेंद्र अपने गांव के एक व्यक्ति का सिम कार्ड इस्तेमाल कर NSDL पेमेंट्स बैंक की फर्जी एजेंट और BC ID तैयार करता था। इसके बाद वह अजय नाम के एक अन्य आरोपी के साथ मिलकर लोगों को निशाना बनाता था। उनके दस्तावेजों के आधार पर बैंक खाते खुलवाकर उनमें साइबर अपराध से प्राप्त रकम जमा कराई जाती थी और फिर एटीएम से नकदी निकाल ली जाती थी।

 

 

बरेली के आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार

तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार के नेतृत्व में साइबर क्राइम टीम ने 19 सितंबर 2026 को आरोपी को गिरफ्तार किया। उसकी पहचान वीरेंद्र पुत्र छत्रपाल निवासी ग्राम टांडा मीरानगर, थाना बहेड़ी, जनपद बरेली के रूप में हुई है।

75 खातों से निकाली गई 50 लाख से अधिक की रकम

पुलिस का दावा है कि आरोपी द्वारा तैयार की गई फर्जी एजेंट आईडी के माध्यम से लगभग 75 बैंक खाते खोले गए। इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम को निकालने के लिए किया गया। अब तक सामने आए मामलों में 50 लाख रुपये से अधिक की धनराशि निकाले जाने की जानकारी मिली है।

नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी

रामपुर पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है। साथ ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अनजान व्यक्तियों को आधार कार्ड, सिम कार्ड, बैंक खाते या बैंकिंग से जुड़ी गोपनीय जानकारी न दें। किसी भी दस्तावेज का इस्तेमाल कहां और किस उद्देश्य से किया जा रहा है, इसकी पूरी जानकारी जरूर रखें।

 

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