लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जनगणना-2027 के दूसरे चरण को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी गई हैं। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में 15 अक्टूबर 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और मुख्य विकास अधिकारियों के साथ जनगणना की तैयारियों, प्रशिक्षण और जनजागरूकता अभियान की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि निर्धारित समयसीमा में सभी व्यवस्थाएं पूरी करें और यह सुनिश्चित करें कि जनगणना के दौरान कोई भी घर छूटने न पाए।
मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने कहा कि जनगणना देश और प्रदेश की विकास योजनाओं के निर्माण के लिए महत्वपूर्ण आधार है। इसलिए आंकड़ों की विश्वसनीयता और गुणवत्ता बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने जिलाधिकारियों को जिला स्तरीय जनगणना समितियों की बैठक बुलाकर तैयारियों की समीक्षा करने तथा आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जनगणना का कार्य प्रशिक्षित कर्मचारियों से ही कराया जाए। गणना ब्लॉकों की संख्या के अनुसार प्रगणकों की तैनाती की जाए और 10 प्रतिशत अतिरिक्त कर्मचारियों को रिजर्व में रखते हुए उनका प्रशिक्षण भी पूरा कराया जाए।
जनगणना के दूसरे चरण को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए प्रशिक्षण की समयसीमा निर्धारित की गई है। निर्देशों के अनुसार, फील्ड ट्रेनर्स का प्रशिक्षण 20 अक्टूबर 2026 से पहले पूरा करना होगा। वहीं, प्रगणकों और सुपरवाइजरों का प्रशिक्षण अधिकतम 14 नवंबर तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। विशेष प्रभारों के लिए प्रशिक्षण 16 से 28 नवंबर के बीच आयोजित किया जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य है कि मैदानी स्तर पर कार्य शुरू होने से पहले सभी कर्मचारियों को प्रक्रिया की पूरी जानकारी हो, ताकि आंकड़ों के संकलन में किसी तरह की परेशानी न आए।
मुख्य सचिव ने स्वगणना यानी सेल्फ-एन्यूमरेशन को बढ़ावा देने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया। इसके तहत 15 अक्टूबर से 15 दिसंबर तक स्कूलों, सार्वजनिक स्थलों और अन्य प्रमुख स्थानों पर जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों, शिक्षकों तथा कर्मचारियों को स्वगणना की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी जाएगी। इसके अतिरिक्त जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों के माध्यम से जागरूकता संदेश प्रसारित किए जाएंगे। सोशल मीडिया, पूजा पंडालों, सार्वजनिक कार्यक्रमों और जनसभाओं में भी जनगणना-2027 से संबंधित जानकारी साझा करने के निर्देश दिए गए हैं।
जनगणना की तैयारियों के अंतर्गत 16 से 30 नवंबर 2026 तक विशेष एन्यूमरेशन अभियान चलाया जाएगा। इसे निर्धारित थीम आधारित दिवसों के अनुसार संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, स्लम क्षेत्रों की पहचान निर्धारित कानूनी परिभाषा के अनुरूप करने और शीतलहर की संभावित परिस्थितियों को देखते हुए आवश्यक एडवाइजरी जारी करने पर भी जोर दिया गया।

उत्तर प्रदेश में जनसंख्या गणना का मैदानी कार्य 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक प्रस्तावित है। इससे पहले 16 से 30 नवंबर 2026 के बीच नागरिकों को स्वगणना पोर्टल के माध्यम से अपनी और परिवार के पात्र सदस्यों की जानकारी दर्ज करने का विकल्प मिलेगा। स्वगणना पूरी होने के बाद परिवार को एक विशिष्ट पहचान संख्या यानी SE ID (Self-Enumeration ID) प्राप्त होगी। इसे सुरक्षित रखकर जनगणना कर्मचारी के आने पर उपलब्ध कराया जा सकेगा। इसके माध्यम से दर्ज की गई जानकारी का सत्यापन कर उसे संबंधित गणना ब्लॉक में अंतिम रूप दिया जाएगा।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जनगणना के दौरान नागरिकों से प्राप्त व्यक्तिगत जानकारी जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत गोपनीय रखी जाएगी और उसका इस्तेमाल निर्धारित जनसांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। प्रक्रिया के दौरान आम नागरिकों से किसी प्रकार के दस्तावेज प्रस्तुत करने की मांग नहीं की जाएगी। नागरिकों से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने की अपील की गई है।
भारत के रजिस्ट्रार जनरल एवं जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने पहले चरण में समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य के लिए मुख्य सचिव एस.पी. गोयल के नेतृत्व में पूरी प्रशासनिक टीम की सराहना की। उन्होंने कहा कि दूसरे चरण में भी टीम भावना, समन्वय और कार्य की गुणवत्ता बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को पर्याप्त समय का सही उपयोग करने, जल्दबाजी से बचने, प्रत्येक घर को गणना में शामिल करने और कर्मचारियों के प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी।
बैठक में उत्तर प्रदेश की जनगणना संचालन एवं नागरिक पंजीकरण विभाग की निदेशक शीतल वर्मा ने तैयारियों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और आगामी कार्ययोजना की जानकारी दी। बैठक का संचालन सचिव सामान्य प्रशासन अभिषेक प्रकाश ने किया। इस दौरान प्रमुख सचिव सामान्य प्रशासन एस.वी.एस. रंगाराव, सचिव माध्यमिक शिक्षा किंजल सिंह, महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी समेत विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। जनगणना-2027 के दूसरे चरण की तैयारियों का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में प्रत्येक घर को शामिल करना, आंकड़ों की शुद्धता सुनिश्चित करना और नागरिकों को स्वगणना के विकल्प के प्रति जागरूक बनाना है।