उत्तर प्रदेश सरकार के सुशासन और जवाबदेह प्रशासन के प्रयासों का असर अब जिलों के प्रदर्शन में भी स्पष्ट दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री डैशबोर्ड की जून माह की रैंकिंग में शाहजहांपुर ने प्रदेशभर में पहला स्थान हासिल किया है। वहीं रामपुर दूसरे और बरेली तीसरे स्थान पर रहे। जनशिकायतों के समयबद्ध निस्तारण, बेहतर फीडबैक और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन ने इन जिलों को शीर्ष स्थान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
जून माह की रैंकिंग में शाहजहांपुर ने 10 में से 9.43 अंक प्राप्त कर पहला स्थान हासिल किया। जिले ने विशेष रूप से जनशिकायतों के त्वरित समाधान और शिकायतकर्ताओं से मिले सकारात्मक फीडबैक के आधार पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। प्रशासन ने शिकायतों के निस्तारण को प्राथमिकता देते हुए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की, जिसका सीधा असर रैंकिंग पर देखने को मिला।
रामपुर ने 9.41 अंक के साथ प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त किया। जिले में विकास कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने के साथ-साथ मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर दर्ज शिकायतों का प्रभावी समाधान किया गया। लगातार बेहतर प्रशासनिक प्रदर्शन के कारण रामपुर पिछले कई महीनों से टॉप-10 जिलों में अपनी जगह बनाए हुए है।

बरेली ने 9.30 अंक हासिल कर तीसरा स्थान प्राप्त किया। जिले में सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, नियमित मॉनिटरिंग और प्रशासनिक पारदर्शिता पर विशेष ध्यान दिया गया, जिससे उसकी रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला।
जून की रैंकिंग में महराजगंज चौथे स्थान पर रहा, जबकि आजमगढ़ और मैनपुरी ने समान अंक प्राप्त कर संयुक्त रूप से पांचवां स्थान हासिल किया। इसके अलावा सोनभद्र, हमीरपुर, बागपत और लखीमपुर खीरी भी शीर्ष 10 जिलों में शामिल रहे। इन जिलों ने जनशिकायतों के समाधान, पारदर्शी प्रशासन और योजनाओं के प्रभावी संचालन के आधार पर बेहतर प्रदर्शन किया।
मुख्यमंत्री डैशबोर्ड उत्तर प्रदेश सरकार का एक महत्वपूर्ण मॉनिटरिंग प्लेटफॉर्म है, जिसके माध्यम से जिलों के प्रशासनिक कार्यों, विकास योजनाओं और जनशिकायतों की नियमित समीक्षा की जाती है। इस व्यवस्था से अधिकारियों की जवाबदेही तय होती है और कमजोर प्रदर्शन वाले जिलों को सुधार के लिए आवश्यक निर्देश दिए जाते हैं। इससे प्रदेश में बेहतर प्रशासन और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को भी बढ़ावा मिल रहा है।