लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानमंडल का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है। सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई अहम मुद्दों पर तीखी बहस और राजनीतिक टकराव देखने को मिल सकता है। हालांकि, सत्र शुरू होने से पहले आयोजित सर्वदलीय बैठक में सभी दलों ने सदन की कार्यवाही को शांतिपूर्ण और सुचारू रूप से चलाने पर सहमति जताई।
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की अध्यक्षता में आयोजित सर्वदलीय बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने भाग लिया। बैठक में सदन की गरिमा बनाए रखते हुए जनहित के मुद्दों पर सार्थक चर्चा करने पर जोर दिया गया।
मानसून सत्र के दौरान विपक्ष कई महत्वपूर्ण मामलों को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति बना चुका है। विपक्षी दल राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी, दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज, शिक्षक भर्ती प्रक्रिया, एक्सप्रेसवे निर्माण में कथित अनियमितताओं और अन्य जनहित के मुद्दों को सदन में उठाने की तैयारी में हैं। वहीं, सरकार भी इन आरोपों का जवाब देने के लिए पूरी तैयारी के साथ मैदान में रहेगी।
सत्र के पहले दिन आजमगढ़ के निजामाबाद विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के विधायक रहे आलम बदी के निधन पर सदन में शोक प्रस्ताव पारित किया जाएगा। उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद विधानसभा की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी जाएगी।

मंगलवार सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक होगी, जिसमें अनुपूरक बजट को मंजूरी दी जाएगी। इसके बाद विधानसभा में अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा। इसी दिन अन्य आवश्यक विधायी कार्य भी निपटाए जाएंगे।
बुधवार और गुरुवार को अनुपूरक बजट पर विस्तृत चर्चा होगी। साथ ही आवश्यक विधेयकों और अन्य विधायी कार्यों को पूरा करने के बाद मानसून सत्र को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किए जाने की संभावना है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विपक्ष के आक्रामक रुख और सरकार की जवाबी रणनीति के चलते इस बार का मानसून सत्र काफी हंगामेदार रहने की संभावना है। ऐसे में सदन के भीतर कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर जोरदार बहस देखने को मिल सकती है।