गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र में अवैध रूप से भ्रूण लिंग जांच किए जाने का मामला सामने आया है। इस पूरे रैकेट का खुलासा हरियाणा स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए गए डिकॉय ऑपरेशन के दौरान हुआ। सूचना मिलने के बाद गाजियाबाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर संयुक्त कार्रवाई की और अल्ट्रासाउंड सेंटर को सील कर दिया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, पीसीपीएनडीटी अधिनियम के तहत लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर प्रकाश अल्ट्रासाउंड एंड डायग्नोस्टिक सेंटर, सुनीता विहार, लोनी पर छापेमारी की गई। जांच के दौरान सामने आया कि पंजीकृत डॉक्टर की अनुपस्थिति में कथित रूप से अवैध रूप से भ्रूण लिंग जांच की जा रही थी।

सूत्रों के अनुसार, हरियाणा स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पहले एक डिकॉय मरीज के माध्यम से पूरे मामले का सत्यापन किया। पुष्टि होने के बाद गाजियाबाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन को सूचित किया गया, जिसके बाद संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की।

छापेमारी के दौरान अल्ट्रासाउंड मशीन समेत अन्य उपकरणों को सील कर दिया गया। बताया जा रहा है कि कार्रवाई के दौरान वसीम नामक व्यक्ति द्वारा अवैध रूप से जांच किए जाने का मामला सामने आया, जबकि केंद्र पर डॉ. अमृता सोनी का नाम पंजीकृत चिकित्सक के रूप में दर्ज है।
कार्रवाई में नायब तहसीलदार लोनी, पीसीपीएनडीटी नोडल अधिकारी, जिला मलेरिया अधिकारी सहित गाजियाबाद और गुरुग्राम की संयुक्त टीम शामिल रही। मामले में पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।