1. हिन्दी समाचार
  2. उत्तर प्रदेश
  3. सरकारी इंटर कॉलेज में करोड़ों के गबन का खुलासा, पांच अधिकारियों-कर्मचारियों पर FIR दर्ज

सरकारी इंटर कॉलेज में करोड़ों के गबन का खुलासा, पांच अधिकारियों-कर्मचारियों पर FIR दर्ज

उन्नाव के पुरवा स्थित एमआरआरएस इंटर कॉलेज में 3 करोड़ रुपये से अधिक के गबन का मामला सामने आया है। डीएम की जांच के बाद पांच अधिकारियों और कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज की गई है।

By: BS Yadav  RNI News Network
Updated:
सरकारी इंटर कॉलेज में करोड़ों के गबन का खुलासा, पांच अधिकारियों-कर्मचारियों पर FIR दर्ज

उन्नाव। उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में स्थित एक सरकारी इंटर कॉलेज में करोड़ों रुपये के गबन का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी के आदेश पर गठित जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर विद्यालय और शिक्षा विभाग से जुड़े पांच अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। मामले में वित्तीय वर्ष 2021 से 2025 के बीच तीन करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा हुआ है।

जानकारी के अनुसार मामला पुरवा स्थित एमआरआरएस इंटर कॉलेज से जुड़ा है। जांच में विद्यालय के प्रधान लिपिक अमित मिश्रा, कर्मचारी विनोद त्रिपाठी, कुलदीप कुमार और राधेश्याम की भूमिका संदिग्ध पाई गई। इसके अलावा जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में तैनात वरिष्ठ सहायक सागर कपूर पर भी अधिकारियों को भ्रामक एवं गलत तथ्य प्रस्तुत करने का आरोप लगाया गया है।

जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित जांच समिति ने वित्तीय दस्तावेजों, भुगतान अभिलेखों और अन्य संबंधित रिकॉर्ड की जांच की। जांच रिपोर्ट में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं और धन के दुरुपयोग की पुष्टि होने के बाद संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।

ad

ad

प्रशासन के अनुसार दोषियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। साथ ही जांच में सामने आई गड़बड़ियों के आधार पर गिरफ्तारी की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि गबन की गई राशि में से 73 लाख 14 हजार 53 रुपये राजकोष में जमा कराए जा चुके हैं। हालांकि शेष राशि और उससे जुड़े अन्य पहलुओं की जांच अभी जारी है।

प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि शिक्षा संस्थानों में वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि मामले की विस्तृत जांच जारी रखी जाए और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

शिक्षा के क्षेत्र में सामने आए इस बड़े घोटाले ने जिले में हड़कंप मचा दिया है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच आगे किस दिशा में बढ़ती है और इस मामले में और किन लोगों की भूमिका सामने आती है।

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें गूगल न्यूज़, फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...