आजमगढ़ तहसील सदर में शनिवार को जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार की अध्यक्षता में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उनके स्थायी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर विशेष बल दिया गया। जिला प्रशासन की ओर से विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतों के समाधान के लिए मौके पर ही आवश्यक निर्देश जारी किए गए।
संपूर्ण समाधान दिवस में मुख्य विकास अधिकारी परीक्षित खटाना, पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एन. आर. वर्मा, उप जिलाधिकारी नरेन्द्र गंगवार, तहसीलदार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

जिलाधिकारी ने कहा कि समाधान दिवस का उद्देश्य केवल शिकायतें प्राप्त करना नहीं, बल्कि उनका स्थायी समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने निर्देश दिया कि प्राप्त प्रत्येक प्रार्थना पत्र का मौके पर जाकर सत्यापन किया जाए तथा आईजीआरएस और राजस्व अभिलेखों के आधार पर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि शिकायतकर्ता को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
बैठक में बताया गया कि अधिकांश शिकायतें भूमि विवाद से संबंधित प्राप्त होती हैं। विशेष रूप से भाइयों के बीच पैतृक संपत्ति और कब्जे को लेकर विवाद सामने आते हैं। ऐसे मामलों में जहां भूमि का विभाजन नहीं हुआ है, वहां संबंधित प्रकरणों का निस्तारण नियमानुसार राजस्व न्यायालयों में कराया जाता है। पैमाइश संबंधी मामलों में लेखपाल, राजस्व निरीक्षक तथा अन्य संबंधित अधिकारियों की संयुक्त टीम गठित कर मौके पर भेजी जाती है।
स्वास्थ्य विभाग से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गई। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता तथा खराब सड़कों की समस्या को लेकर प्राप्त शिकायतों पर संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।
इस दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों की समयबद्ध उपस्थिति पर भी कड़ा रुख अपनाया। वह निर्धारित समय से पहले सुबह 9:55 बजे ही तहसील परिसर पहुंच गए। निरीक्षण के दौरान कुछ अधिकारी एवं कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय के बाद बिना उचित कारण अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। देर से पहुंचने वालों को चेतावनी दी गई, जबकि अनुपस्थित पाए गए अधिकारियों का वेतन रोकने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
संपूर्ण समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों के निस्तारण के लिए कई मामलों में संयुक्त टीमों का गठन किया गया। प्रशासन का प्रयास रहा कि प्रत्येक शिकायत का समाधान कानून सम्मत, पारदर्शी और स्थायी रूप से किया जाए, जिससे आमजन का विश्वास शासन-प्रशासन में और अधिक मजबूत हो सके।