हमीरपुर: बुंदेलखंड के हमीरपुर शहर को भारी वाहनों के जाम और यातायात दबाव से राहत दिलाने के लिए चल रही ₹302 करोड़ की बाईपास परियोजना को लेकर प्रशासन ने निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा की। जिलाधिकारी अशोक कुमार ने निर्माणाधीन बेतवा और यमुना नदी के पुलों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की स्थिति देखी और सेतु निगम के अधिकारियों से परियोजना की प्रगति की बिंदुवार जानकारी ली।डीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि परियोजना के निर्माण में तेजी लाई जाए, लेकिन गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों से किसी भी स्तर पर समझौता न किया जाए।
बेतवा पुल की एक लेन का काम पूरा
बाईपास परियोजना के तहत बेतवा नदी पर दोनों लेन में कुल 26 स्पैन बनाए जाने हैं। प्रत्येक लेन में 13-13 स्पैन प्रस्तावित हैं। अधिकारियों के मुताबिक, एक लेन के सभी 13 स्पैन का निर्माण पूरा हो चुका है।अब पीडब्ल्यूडी से जुड़े करीब एक महीने के शेष कार्य को तेजी से पूरा करने पर इस लेन पर लगभग एक महीने के भीतर यातायात शुरू किए जाने की संभावना बन सकती है।
यमुना पुल पर भी निर्माण जारी
वहीं यमुना नदी पर दोनों तरफ कुल 32 स्पैन बनाए जाने हैं, जिनमें 16-16 स्पैन प्रस्तावित हैं। वर्तमान में एक तरफ के पांच स्पैन का निर्माण पूरा हो चुका है।डीएम ने अधिकारियों को उपलब्ध संसाधनों और मैनपावर का प्रभावी इस्तेमाल करते हुए बाकी काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। परियोजना को दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, लेकिन निर्माण में देरी को देखते हुए अब शेष कार्य को न्यूनतम संभव समय में पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है।
सुरक्षा और गुणवत्ता पर सख्त निर्देश
निर्माण स्थल पर श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर भी जिलाधिकारी ने सख्ती दिखाई। उन्होंने सेफ्टी इंजीनियरों की नियमित निगरानी, श्रमिकों के लिए सुरक्षा उपकरणों के अनिवार्य इस्तेमाल और सभी सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने को कहा।निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की नियमानुसार जांच और समय-समय पर थर्ड पार्टी क्वालिटी जांच कराने के निर्देश भी दिए गए।
एप्रोच रोड और गड्ढों की भी समीक्षा
निरीक्षण के दौरान बाईपास की एप्रोच रोड और यातायात व्यवस्था की समीक्षा की गई। डीएम ने निर्माण स्थल से अनावश्यक सामग्री और अवरोध हटाने तथा एप्रोच रोड को व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए।इसके अलावा NH-34 और यमुना पुल के पहुंच मार्गों पर मौजूद गड्ढों को लेकर भी अधिकारियों को निर्देश दिए गए। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को चिह्नित गड्ढों को एक महीने के भीतर ठीक कराने को कहा गया है। जिलाधिकारी अशोक कुमार ने कहा कि यह परियोजना जिले की यातायात व्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। निर्माण कार्य में तेजी के साथ गुणवत्ता और सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाए और किसी भी तरह की अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।बाईपास परियोजना पूरी होने के बाद हमीरपुर शहर में भारी वाहनों का दबाव कम होने और आवागमन सुगम होने की उम्मीद है। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता बेतवा और यमुना पुलों समेत परियोजना के शेष कार्य को जल्द पूरा कराना है।