1. हिन्दी समाचार
  2. उत्तर प्रदेश
  3. यूपीआईटीएस में अमरोहा के शहद की धूम, इटली-ओमान और नीदरलैंड के खरीदारों ने दिखाई दिलचस्पी

यूपीआईटीएस में अमरोहा के शहद की धूम, इटली-ओमान और नीदरलैंड के खरीदारों ने दिखाई दिलचस्पी

यूपीआईटीएस-2026 में अमरोहा के ‘किसान वेदा’ ब्रांड के शहद, मिलेट्स कुकीज और अन्य जैविक उत्पादों ने विदेशी खरीदारों का ध्यान खींचा। नीदरलैंड और जापान से शहद की थोक सप्लाई तथा इटली से मिलेट्स कुकीज को लेकर बातचीत हुई। एफपीओ से करीब 3,000 किसान और 1,000 ग्रामीण महिलाएं जुड़ी हैं।

By: Nivedita  RNI News Network
Updated:
यूपीआईटीएस में अमरोहा के शहद की धूम, इटली-ओमान और नीदरलैंड के खरीदारों ने दिखाई दिलचस्पी

ग्रेटर नोएडा:  यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 में अमरोहा के ग्रामीण और जैविक उत्पादों ने विदेशी खरीदारों का ध्यान आकर्षित किया। इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित ट्रेड शो में उत्तर प्रदेश कृषि विभाग के स्टॉल पर प्रखंड बायो एनर्जी किसान प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के ‘किसान वेदा’ ब्रांड के शहद, मिलेट्स कुकीज और अन्य उत्पादों को अच्छी प्रतिक्रिया मिली।

विदेशी खरीदारों ने शहद और मिलेट्स कुकीज में दिखाई रुचि

ट्रेड शो के दौरान इटली, ओमान, नीदरलैंड और जापान से आए खरीदारों ने एफपीओ के उत्पादों के बारे में जानकारी ली। नीदरलैंड और जापान के खरीदारों ने शहद की थोक आपूर्ति में रुचि दिखाई।नीदरलैंड के खरीदारों के साथ शुरुआती तौर पर करीब 1,000 से 1,500 बोतलों की आपूर्ति को लेकर सहमति बनने की जानकारी दी गई है। वहीं, इटली के खरीदारों ने ज्वार और रागी से तैयार मिलेट्स कुकीज में दिलचस्पी दिखाई और इसके लिए करीब 1,600 से 2,000 रुपये प्रति किलो की दर पर बातचीत हुई।

35 से ज्यादा खरीदारों ने उत्पादों की जानकारी ली

एफपीओ के मुताबिक, ट्रेड शो में 35 से अधिक बड़े खरीदारों ने उसके उत्पादों में रुचि दिखाई। इसके अलावा बागपत के एक एफपीओ और ‘डॉक्टर मोरिंगा’ समेत करीब 10 से 15 घरेलू कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ भी आपूर्ति को लेकर चर्चा हुई। नोएडा और दिल्ली-एनसीआर से पहुंचे उपभोक्ताओं ने भी स्टॉल से ग्रामीण और प्राकृतिक उत्पादों की खरीदारी की।

अचार से लेकर मोरिंगा और लेमनग्रास उत्पाद तक

‘किसान वेदा’ के स्टॉल पर कई तरह के उत्पाद प्रदर्शित किए गए। इनमें कमल ककड़ी, करौंदा, आंवला और लहसुन के अचार के साथ मोरिंगा पाउडर, नीम शहद, मिलेट्स नमकीन और मल्टीग्रेन आटा शामिल रहे। इसके अलावा लेमनग्रास से तैयार चाय, तेल, हैंड सैनिटाइजर और फिनाइल जैसे उत्पाद भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे।

3 हजार किसानों और 1 हजार ग्रामीण महिलाओं की मेहनत

एफपीओ की संस्थापक हितेश चौधरी के अनुसार, इन उत्पादों के उत्पादन और कारोबार से करीब 3,000 किसान और 1,000 ग्रामीण महिलाएं जुड़ी हुई हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गन्ने के साथ अमरूद, मोरिंगा, गेहूं और मिलेट्स जैसी फसलों की मल्टी क्रॉपिंग को बढ़ावा देने पर काम किया जा रहा है। एफपीओ किसानों को बाजार उपलब्ध कराने के साथ उनके उत्पादों की खरीद में भी भूमिका निभाता है, जिससे स्थानीय स्तर पर तैयार कृषि उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने में मदद मिलती है।

 

महिला स्वयं सहायता समूह से शुरू हुआ सफर

हितेश चौधरी ने वर्ष 2020 में महिला स्वयं सहायता समूह के माध्यम से काम शुरू किया था। इसके बाद 17 अप्रैल 2021 को एफपीओ की स्थापना की गई। संगठन के अनुसार, वर्तमान में इसका वार्षिक कारोबार करीब 50 लाख रुपये है और चालू वित्तीय वर्ष में एक करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है।

प्राकृतिक खेती से नए उत्पादों तक विस्तार

कृषि विभाग, नमामि गंगे और परंपरागत कृषि विकास योजना के माध्यम से प्राकृतिक खेती को बढ़ावा मिलने के साथ एफपीओ ने नए उत्पाद तैयार करने की दिशा में भी काम शुरू किया है। भविष्य की योजनाओं में मोरिंगा के लड्डू, मोरिंगा बर्फी और अलग-अलग किस्म की हल्दी से तैयार विशेष अचार जैसे उत्पाद शामिल हैं।

विदेशी बाजार तक पहुंच बनाने में ट्रेड शो बना माध्यम

एफपीओ की संस्थापक के अनुसार, यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो ने स्थानीय किसानों और ग्रामीण उत्पादों को बड़े बाजार से जोड़ने का अवसर दिया है। कृषि विभाग के माध्यम से उपलब्ध कराए गए स्टॉल पर विदेशी खरीदारों से सीधे बातचीत हुई, जिससे उत्पादों के लिए नए बाजार और संभावित ऑर्डर की राह खुली है।

 

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें गूगल न्यूज़, फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...