ग्रेटर नोएडा: ग्रेटर नोएडा में इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ रही है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 6,048 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है। इसमें जमीन अधिग्रहण, निर्माण एवं विकास कार्यों, ग्रामीण क्षेत्रों और शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा खर्च प्रस्तावित है। बोर्ड के फैसलों और हालिया अपडेट के आधार पर आने वाले समय में कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं जमीन पर दिखाई दे सकती हैं।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने ग्रेटर नोएडा से हापुड़ बाईपास और आगे गंगा एक्सप्रेसवे तक कनेक्टिविटी देने वाली सड़क योजना को मंजूरी दी है। मौजूदा 105 मीटर चौड़ी सड़क को आगे बढ़ाकर करीब 37 किलोमीटर तक ले जाने और इसके बाद करीब 15 किलोमीटर के लिंक से गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने की योजना है। इससे ग्रेटर नोएडा से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों तक सीधी और तेज कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है। परियोजना को मास्टर प्लान-2041 में भी शामिल किया गया है।
2026-27 के विकास एजेंडे में इलेक्ट्रिक बस सेवा भी शामिल है। इसका उद्देश्य शहर में सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाना और निजी वाहनों पर निर्भरता कम करना है। बजट और बोर्ड बैठक में सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने के लिए ईवी बस संचालन को आगे बढ़ाने का फैसला सामने आया है।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट के 17 गांवों में करीब 2,600 LED स्ट्रीट लाइट लगाने की योजना पर काम आगे बढ़ाया गया है। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 3.5 करोड़ रुपये है। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक सर्वे और टेंडर प्रक्रिया पूरी की जा चुकी थी और अगस्त 2026 से लाइट लगाने का काम शुरू करने की तैयारी थी। इससे गांवों के डार्क जोन कम करने और रात में आवागमन को सुरक्षित बनाने में मदद मिलेगी।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण किसानों के 6, 8 और 10 प्रतिशत आबादी प्लॉटों के बंटवारे की प्रक्रिया को ऑनलाइन करने जा रहा है। इसके लिए Land Subdivision Application System विकसित किया जाएगा। 24 अगस्त 2026 को इसके लिए ई-टेंडर आमंत्रित किए जाने की जानकारी सामने आई है। सिस्टम लागू होने के बाद आवेदन, दस्तावेजों की जांच, फीस भुगतान और नक्शे की मंजूरी जैसी प्रक्रियाएं ऑनलाइन करने की दिशा में काम होगा।
ग्रेटर नोएडा के बोडाकी में प्रस्तावित मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब के लिए जमीन अधिग्रहण से जुड़ी प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण चरण में है। अगस्त 2026 में किसानों के मुआवजे की दर बढ़ाने का प्रस्ताव बोर्ड के सामने ले जाने की तैयारी की खबर सामने आई थी। यह परियोजना भविष्य में ग्रेटर नोएडा को रेल, बस और मेट्रो जैसी परिवहन सुविधाओं से जोड़ने वाले बड़े ट्रांजिट केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में अहम मानी जाती है।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट के गौड़ सिटी चौक अंडरपास का काम अंतिम चरण में है। करीब 700 मीटर लंबे इस अंडरपास की लागत बढ़कर लगभग 92 करोड़ रुपये हो चुकी है। परियोजना की समयसीमा कई बार आगे बढ़ चुकी है और अगस्त 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक अब इसे दीपावली से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके शुरू होने के बाद सूरजपुर-गाजियाबाद रोड और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के व्यस्त हिस्से में ट्रैफिक दबाव कम होने की उम्मीद है।
परी चौक पर ट्रैफिक दबाव कम करने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने परी चौक मेट्रो स्टेशन के पास नया U-Turn तैयार कराया है। 27 अगस्त 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक इसका काम लगभग पूरा हो चुका था और इसे जल्द वाहनों के लिए खोलने की तैयारी थी। इससे नोएडा की दिशा में जाने वाले कुछ वाहनों को मुख्य चौराहे तक जाने की जरूरत कम हो सकती है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने 105 मीटर रोटरी से सुपरटेक रोटरी तक 130 मीटर चौड़ी सड़क के तीन साल के रखरखाव के लिए टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ाई है। उपलब्ध टेंडर जानकारी के अनुसार इस काम की अनुमानित लागत करीब 1.46 करोड़ रुपये है। यह परियोजना नई सड़क बनाने के बजाय मौजूदा महत्वपूर्ण सड़क को बेहतर स्थिति में बनाए रखने से जुड़ी है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 6,048 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है। इसमें करीब 1,150 करोड़ रुपये जमीन अधिग्रहण और लगभग 2,176 करोड़ रुपये निर्माण एवं विकास कार्यों के लिए रखे गए हैं। इसके अलावा पूंजीगत कार्यों और हरित क्षेत्र के विकास के लिए भी बजट का प्रावधान किया गया है। यानी आने वाले महीनों में सड़क, जमीन अधिग्रहण, ग्रामीण विकास और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कई काम आगे बढ़ सकते हैं।
यह परियोजना सीधे GNIDA की नहीं है, लेकिन इसका ग्रेटर नोएडा और आसपास के क्षेत्र पर बड़ा असर पड़ेगा। उत्तर प्रदेश सरकार ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले 74 किलोमीटर के एक्सेस-कंट्रोल्ड लिंक रोड के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। करीब 8,586 करोड़ रुपये की इस परियोजना में छह लेन का कॉरिडोर प्रस्तावित है, जिसे भविष्य में आठ लेन तक बढ़ाया जा सकता है। इसका रूट यमुना एक्सप्रेसवे से शुरू होकर बुलंदशहर के पास गंगा एक्सप्रेसवे तक जाएगा। परियोजना को तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य बताया गया है।
2026 के ताजा फैसलों को देखें तो ग्रेटर नोएडा में आने वाले समय का सबसे बड़ा फोकस कनेक्टिविटी, सड़क नेटवर्क, एयरपोर्ट कनेक्शन, सार्वजनिक परिवहन, गांवों का विकास और डिजिटल प्रशासन पर दिखाई देता है। खास तौर पर गंगा एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी, बोडाकी ट्रांसपोर्ट हब, इलेक्ट्रिक बस सेवा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट की सड़क एवं स्ट्रीट लाइट परियोजनाएं आम लोगों के लिए सीधे असर वाली योजनाएं हैं।