1. हिन्दी समाचार
  2. उत्तर प्रदेश
  3. फलैदा गौशाला में 800 गोवंशों के लिए बेहतर सुविधाएं, हरियाली और वर्षा जल संचयन पर जोर

फलैदा गौशाला में 800 गोवंशों के लिए बेहतर सुविधाएं, हरियाली और वर्षा जल संचयन पर जोर

फलैदा गौशाला में करीब 800 निराश्रित गोवंशों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित की गई हैं। परिसर में 5 हजार पौधे और 2 एकड़ का लॉन तैयार किया गया है। CCTV, वर्षा जल संचयन के लिए तालाब और गोबर-गोमूत्र से अगरबत्ती-धूपबत्ती बनाने की व्यवस्था भी की जा रही है।

By: Nivedita  RNI News Network
Updated:
फलैदा गौशाला में 800 गोवंशों के लिए बेहतर सुविधाएं, हरियाली और वर्षा जल संचयन पर जोर

फलैदा।  यमुना प्राधिकरण के CEO राकेश कुमार सिंह की पहल पर फलैदा गौशाला को आधुनिक और व्यवस्थित सुविधाओं से विकसित किया गया है। यहां करीब 800 निराश्रित गोवंशों के रहने की व्यवस्था की गई है। गौशाला परिसर में हरियाली बढ़ाने के साथ गोवंशों की निगरानी और वर्षा जल संरक्षण की भी व्यवस्था की जा रही है।

5 हजार पौधों से बढ़ी परिसर की हरियाली

गौशाला परिसर को हरा-भरा बनाने के लिए करीब 5 हजार पौधे लगाए गए हैं। इसके अलावा लगभग 2 एकड़ क्षेत्र में लॉन विकसित किया गया है। इससे गौशाला का वातावरण अधिक स्वच्छ और बेहतर बनाने की दिशा में काम किया गया है।

 

फलैदा गौशाला में 800 गोवंशों के लिए बेहतर सुविधाएं, हरियाली और वर्षा जल संचयन पर जोर

800 निराश्रित गोवंशों के लिए व्यवस्था

फलैदा गौशाला में करीब 800 निराश्रित गोवंशों के रहने की सुविधा तैयार की गई है। प्राधिकरण की ओर से गोवंशों की देखभाल को व्यवस्थित करने के साथ उनकी सुरक्षा और निगरानी पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

CCTV से होगी गोवंशों की निगरानी

गौशाला में निगरानी व्यवस्था मजबूत करने के लिए CCTV कैमरे लगाए जाएंगे। इससे परिसर में होने वाली गतिविधियों पर नजर रखने और गोवंशों की बेहतर निगरानी में मदद मिलेगी।

तालाब से होगा बारिश के पानी का संचयन

गौशाला परिसर के बीच में तालाब तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य बारिश के पानी को एकत्र कर उसका बेहतर उपयोग करना है। इस व्यवस्था से वर्षा जल संरक्षण को बढ़ावा देने की योजना है।

 

गोबर और गोमूत्र का होगा उपयोग

गौशाला में गोबर और गोमूत्र के उपयोग को भी उपयोगी बनाने की दिशा में कदम उठाया गया है। इसके लिए अगरबत्ती और धूपबत्ती तैयार करने के उपकरण लगाए गए हैं। इससे गौशाला से निकलने वाले जैविक संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल की व्यवस्था विकसित की जा रही है।

CEO ने किया निरीक्षण और पौधारोपण

यमुना प्राधिकरण के CEO राकेश कुमार सिंह ने गौशाला के नवीनीकरण और सुविधाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने परिसर में पौधारोपण भी किया। प्राधिकरण की इस पहल का उद्देश्य फलैदा गौशाला को गोवंशों के लिए अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाना है।

 

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें गूगल न्यूज़, फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...