फलैदा। यमुना प्राधिकरण के CEO राकेश कुमार सिंह की पहल पर फलैदा गौशाला को आधुनिक और व्यवस्थित सुविधाओं से विकसित किया गया है। यहां करीब 800 निराश्रित गोवंशों के रहने की व्यवस्था की गई है। गौशाला परिसर में हरियाली बढ़ाने के साथ गोवंशों की निगरानी और वर्षा जल संरक्षण की भी व्यवस्था की जा रही है।
गौशाला परिसर को हरा-भरा बनाने के लिए करीब 5 हजार पौधे लगाए गए हैं। इसके अलावा लगभग 2 एकड़ क्षेत्र में लॉन विकसित किया गया है। इससे गौशाला का वातावरण अधिक स्वच्छ और बेहतर बनाने की दिशा में काम किया गया है।

फलैदा गौशाला में करीब 800 निराश्रित गोवंशों के रहने की सुविधा तैयार की गई है। प्राधिकरण की ओर से गोवंशों की देखभाल को व्यवस्थित करने के साथ उनकी सुरक्षा और निगरानी पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
गौशाला में निगरानी व्यवस्था मजबूत करने के लिए CCTV कैमरे लगाए जाएंगे। इससे परिसर में होने वाली गतिविधियों पर नजर रखने और गोवंशों की बेहतर निगरानी में मदद मिलेगी।
गौशाला परिसर के बीच में तालाब तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य बारिश के पानी को एकत्र कर उसका बेहतर उपयोग करना है। इस व्यवस्था से वर्षा जल संरक्षण को बढ़ावा देने की योजना है।

गौशाला में गोबर और गोमूत्र के उपयोग को भी उपयोगी बनाने की दिशा में कदम उठाया गया है। इसके लिए अगरबत्ती और धूपबत्ती तैयार करने के उपकरण लगाए गए हैं। इससे गौशाला से निकलने वाले जैविक संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल की व्यवस्था विकसित की जा रही है।
यमुना प्राधिकरण के CEO राकेश कुमार सिंह ने गौशाला के नवीनीकरण और सुविधाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने परिसर में पौधारोपण भी किया। प्राधिकरण की इस पहल का उद्देश्य फलैदा गौशाला को गोवंशों के लिए अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाना है।