नोएडा के सेक्टर-61 स्थित राम अस्पताल में इलाज के दौरान एक महिला मरीज की जान चली गई। इसके बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही तथा मनमाने तरीके से बिल बढ़ाने के आरोप लगाए हैं। परिजनों ने मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
छजारसी निवासी मोहित शर्मा के अनुसार उनकी मां पुष्पा देवी को हल्के बुखार और उल्टी की शिकायत थी। इसके बाद 14 अप्रैल को उन्हें राम अस्पताल, सेक्टर-61 में भर्ती कराया गया। परिजनों के मुताबिक शुरुआती इलाज के दौरान उनकी स्थिति में सुधार दिखाई दे रहा था। परिवार का कहना है कि मेडिसिन विभाग की चिकित्सक डॉ. श्रुति श्री ने मरीज को 16 अप्रैल को डिस्चार्ज करने की बात कही थी।
परिजनों का आरोप है कि 15 अप्रैल की शाम करीब चार बजे मरीज की सिटी कंट्रास्ट जांच कराई गई। उनका कहना है कि इस जांच के संबंध में उन्हें पूरी जानकारी नहीं दी गई थी। इसके बाद मरीज की स्थिति गंभीर होने लगी। परिजनों के मुताबिक संबंधित डॉक्टर की गैरमौजूदगी को देखते हुए वे मरीज को उपचार के लिए गाजियाबाद स्थित यशोदा अस्पताल ले गए। हालांकि, वहां 16 अप्रैल को इलाज के दौरान उनकी जान नहीं बच सकी।

मोहित शर्मा का आरोप है कि राम अस्पताल में बिल बढ़ाने के लिए मरीज की अतिरिक्त जांच कराई गई। उन्होंने अस्पताल के प्रबंधन और संबंधित चिकित्सकों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
मोहित शर्मा ने राम अस्पताल के खिलाफ सेक्टर-58 कोतवाली में शिकायत दी है। उन्होंने पूरे मामले की जांच कराने और यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
सीएमओ डॉ. नरेंद्र कुमार ने मामले की जांच एसीएमओ को सौंप दी है। अब जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इलाज के दौरान किसी तरह की लापरवाही हुई थी या नहीं।
परिजनों ने मामले की जल्द जांच पूरी कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।