यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) की 92वीं बोर्ड बैठक में क्षेत्र के सर्वांगीण विकास, औद्योगिक निवेश और जनसुविधाओं को ध्यान में रखते हुए कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए। प्राधिकरण ने इस वर्ष अपने राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है।
प्राधिकरण की वित्तीय स्थिति में पिछले वर्ष की तुलना में भारी उछाल आया है:
राजस्व में 90.25% की वृद्धि: वित्तीय वर्ष 2026-27 में 31 जुलाई 2026 तक प्राधिकरण की कुल प्राप्ति ₹1853.74 करोड़ रही, जो पिछले वित्तीय वर्ष (2025-26) की इसी अवधि की प्राप्ति (₹974.37 करोड़) से 90.25% अधिक है।
औद्योगिक व मिक्स लैंड योजना से आय: औद्योगिक और मिक्स लैंड योजनाओं के माध्यम से कुल ₹1195.99 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ, जो इस मद में पूरे वर्ष के लिए निर्धारित बजट का 86.17% है।
कुल व्यय और ऋण अदायगी: इस वित्तीय वर्ष में 31 जुलाई 2026 तक कुल व्यय ₹3690.64 करोड़ रहा। इसमें से भूमि अधिग्रहण और बैंक ऋणों के भुगतान पर ₹3371 करोड़ खर्च किए गए।

प्राधिकरण ने विभिन्न सेक्टरों में विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित करने के लिए भूमि का आवंटन और चिंहांकन किया है:
मेडिकल हब: सेक्टर-13 एवं सेक्टर-14 में 500 एकड़ भूमि।
यूनिवर्सिटी टाउनशिप: सेक्टर-14 में 480 एकड़ भूमि।
आधुनिक मंडी: सेक्टर-34 में लगभग 36 एकड़ भूमि।
अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम: सेक्टर-23D में लगभग 50 एकड़ भूमि पर आधुनिक स्पोर्ट्स स्टेडियम।
अंतरराज्यीय बस अड्डा (ISBT): नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास यात्रियों, उद्यमियों और आम जनता की सुविधा के लिए सेक्टर-23C में भूमि चिह्नित की गई।
इलेक्ट्रॉनिक और तकनीकी निर्माण क्षेत्र में विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए बोर्ड ने बड़ा फैसला लिया है:
सेक्टर-06 में ताइवान आधारित उद्योगों के लिए 300 एकड़ भूमि आरक्षित कर ‘ताइवान City’ स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। यह कदम उत्तर प्रदेश में तकनीकी और इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग को नई दिशा देगा।
‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य और यूपी की औद्योगिक प्रगति को गति देने के लिए फार्मा क्षेत्र में निवेश का बड़ा रोडमैप तैयार किया गया है:
सेक्टर-06 में 100 से 125 एकड़ भूमि में समर्पित Pharmaceutical Formulation Manufacturing Cluster स्थापित होगा। इस क्लस्टर में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय GMP (Good Manufacturing Practice) मानकों के अनुरूप टैबलेट, कैप्सूल, इंजेक्टेबल, ओरल लिक्विड आदि के निर्माण के लिए प्रतिष्ठित दवा कंपनियों को आमंत्रित किया जाएगा। इससे वैश्विक फार्मा सप्लाई चेन में यूपी की भागीदारी बढ़ेगी और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

भारतीय चिकित्सा उपकरण निर्माताओं को टेस्टिंग के लिए विदेशों पर निर्भर न रहना पड़े, इसके लिए बोर्ड ने एक बड़ा तकनीकी फैसला लिया है:
FDA (ASCA) मानकों के अनुरूप सुविधा: मेडिकल डिवाइस पार्क में ASCA मानकों के अनुसार मेडिकल डिवाइस टेस्टिंग फैसिलिटी स्थापित की जाएगी।
तकनीकी समिति का गठन: परियोजना के परीक्षण हेतु एक ‘Technical Expert Committee’ के गठन का प्रस्ताव मंजूर किया गया।
उपलब्ध सुविधाएं: इसमें इलेक्ट्रिकल सेफ्टी, इलेक्ट्रोमैग्नेटिक कम्पैटिबिलिटी, मैकेनिकल परफॉरमेंस, सॉफ्टवेयर वैलिडेशन और स्टेरिलाइजेशन की अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मिलेंगी। इससे एमएसएमई (MSME) और निर्माताओं की लागत तथा समय दोनों की बचत होगी।
आगरा स्थित प्राधिकरण क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेसवे के चैनज 161.21 पर सर्विस रोड पर करबन नदी के ऊपर कलवर्ट (लघु पुल) निर्माण कार्य को स्वीकृति दी गई।
लाभ: बारिश के मौसम में अत्यधिक जलभराव के कारण होने वाले जाम से स्थानीय निवासियों और राहगीरों को राहत मिलेगी तथा आवागमन सुचारू व सुरक्षित रहेगा।
क्षेत्र में तेजी से हो रहे औद्योगिक विकास को देखते हुए किसानों के हित में भूमि क्रय दरों में बढ़ोतरी का निर्णय लिया गया है:
प्राधिकरण क्षेत्र के फेज-1 (जनपद गौतमबुद्धनगर व बुलंदशहर) में आपसी सहमति से भूमि खरीदने की दरों के लिए बोर्ड ने दो विकल्प अनुमोदित किए हैं:
विकल्प 1: वर्तमान दर ₹4300 प्रति वर्ग मीटर में 6% की वृद्धि करते हुए ₹4558 प्रति वर्ग मीटर की दर।
विकल्प 2: ₹4037 प्रति वर्ग मीटर की दर के साथ 07 प्रतिशत विकसित आबादी भूखंड प्रदान करना।