लखनऊ। उत्तर प्रदेश को वैश्विक वस्त्र उद्योग के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और कदम बढ़ाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में ‘यूपी टेक्सटाइल कॉन्क्लेव-2026’ का शुभारंभ किया। दो दिवसीय आयोजन में प्रदेश के टेक्सटाइल सेक्टर में निवेश, निर्यात, रोजगार और कौशल विकास की संभावनाओं पर जोर दिया जा रहा है।
कॉन्क्लेव के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘यूपी टेक्स मित्रा’ पोर्टल का शुभारंभ किया। इसके साथ ही हथकरघा बुनकरों के लिए बुनकर समृद्धि योजना और वस्त्र क्षेत्र में प्रशिक्षण एवं कौशल विकास से जुड़ी योजना की भी शुरुआत की गई। इन पहलों का उद्देश्य बुनकरों और टेक्सटाइल उद्योग से जुड़े लोगों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराना तथा युवाओं को इस क्षेत्र में आवश्यक कौशल प्रदान करना है।

कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश टेक्सटाइल एवं गारमेंटिंग पॉलिसी-2022 के तहत एलओसी और प्रोत्साहन राशि का वितरण किया गया। इसके अलावा प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कंपनियों और संस्थानों के बीच एमओयू का आदान-प्रदान भी हुआ। सरकार का फोकस टेक्सटाइल क्षेत्र में निवेश का माहौल मजबूत करने और उद्यमियों को कारोबार विस्तार के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने पर है।

मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि दो दिवसीय टेक्सटाइल कॉन्क्लेव के माध्यम से प्रदेश में निवेश और निर्यात को नई गति मिलेगी। साथ ही बुनकरों की पारंपरिक कला और कौशल को आधुनिक बाजार से जोड़कर उन्हें व्यापक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में भी मदद मिलेगी।
टेक्सटाइल और गारमेंटिंग सेक्टर को रोजगार सृजन की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नए निवेश और उद्योगों के विस्तार से युवाओं के लिए रोजगार के अतिरिक्त अवसर पैदा होने की उम्मीद है। सरकार का लक्ष्य टेक्सटाइल सेक्टर की पूरी वैल्यू चेन को मजबूत करते हुए प्रदेश में रोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देना है।
उत्तर प्रदेश लंबे समय से हथकरघा, बुनकरी और पारंपरिक वस्त्र कला के लिए जाना जाता है। कॉन्क्लेव के जरिए इसी विरासत को आधुनिक तकनीक, निवेश और वैश्विक बाजार से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। सरकार का मानना है कि इससे प्रदेश की पारंपरिक बुनकरी को नई पहचान मिलने के साथ उत्तर प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय टेक्सटाइल बाजार में मजबूत स्थान दिलाने में मदद मिलेगी।